scorecardresearch
 

महागठबंधन पर संकट! नीतीश ने अहम मीटिंग में RJD कोटे के मंत्रियों को नहीं बुलाया, तेजस्वी भी रहे नदारद

बिहार की सियासत में इन दिनों हलचल मची हुई है. दरअसल जब से शिक्षामंत्री चंद्रशेखर ने रामचरित मानस को लेकर विवादित टिप्पणी की है, उसके बाद महागठबंधन में तकरार की अटकलें तेज होने लगी हैं. इसी क्रम में सोमवार को एक अहम मीटिंग थी, इसमें सीएम नीतीश कुमार ने आरजेडी कोटे के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत और सहकारिता मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव को नहीं बुलाया.

Advertisement
X
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव

बिहार के शिक्षामंत्री चंद्रशेखर के रामचरित मानस पर विवादित बयान पर उठे विवाद के बाद महागठबंधन की 2 प्रमुख सहयोगी जनता दल यूनाइटेड और आरजेडी के बीच लगातार तकरार बढ़ती ही जा रही है. एक तरफ जहां RJD अपने नेता और शिक्षामंत्री चंद्रशेखर के विवादित बयान पर उनका समर्थन कर रही है, तो वहीं दूसरी तरफ जनता दल यूनाइटेड ने मांग की है कि चंद्रशेखर अपने विवादित बयान के लिए माफी मांगें.

इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बुलाई गई एक बैठक में कुछ ऐसा हुआ कि जिसके बाद इस बात के साफ संकेत मिलने लगे हैं कि महागठबंधन में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है. 

नीतीश ने बुलाई थी समीक्षा बैठक

दरअसल, नीतीश कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को धान खरीद को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत और सहकारिता मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव को बुलाया जाना चाहिए था, क्योंकि धान खरीद का मुद्दा इन्हीं दोनों विभाग से जुड़ा हुआ है. लेकिन इस बैठक में RJD कोटे के इन दोनों मंत्रियों को नहीं बुलाया गया, जबकि दोनों विभागों के प्रधान सचिव यानी कृषि विभाग के प्रधान सचिव एन. सरवन और सहकारिता विभाग के प्रधान सचिव बंदना प्रेयसी इस बैठक में मौजूद थे.

सीएम ने अधिकारियों को ही दिए निर्देश

Advertisement

सूत्रों के मुताबिक धान खरीद को लेकर बुलाई गई समीक्षा बैठक में नीतीश कुमार ने वित्त विभाग के प्रधान सचिव बंदना प्रेयसी को धान खरीद को लेकर जरूरी दिशानिर्देश जारी किए और कृषि विभाग के प्रधान सचिव एन. सरवन को किसानों के लिए सरकारी योजनाओं को सही तरीके से लागू करने के दिशा निर्देश दिए.

राजनीतिक हलकों में चर्चा का बाजार गर्म

दिलचस्प बात ये है कि आमतौर पर नीतीश कुमार की ऐसी समीक्षा बैठकों में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव भी मौजूद रहते हैं, लेकिन सोमवार को बुलाई गई इस बैठक में वह मौजूद नहीं थे. अब ऐसे में राजनीतिक हलकों में चर्चा का बाजार गर्म है कि आरजेडी कोटे के दोनों मंत्रियों को धान खरीद की बैठक में नहीं बुलाया जाना नीतीश कुमार की सोची समझी रणनीति का कोई हिस्सा है?

क्या कहा था बिहार के शिक्षामंत्री ने?
 

दीक्षांत समारोह के बाद जब चंद्रशेखर से उनके बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ''मनुस्मृति में समाज की 85 फीसदी आबादी वाले बड़े तबके के खिलाफ गालियां दी गईं. रामचरितमानस के उत्तर कांड में लिखा है कि नीच जाति के लोग शिक्षा ग्रहण करने के बाद सांप की तरह जहरीले हो जाते हैं. यह नफरत को बोने वाले ग्रंथ हैं. एक युग में मनुस्मृति, दूसरे युग में रामचरितमानस, तीसरे युग में गुरु गोवलकर का बंच ऑफ थॉट, ये सभी देश को, समाज को नफरत में बांटते हैं. नफरत देश को कभी महान नहीं बनाएगी. देश को महान केवल मोहब्बत ही बनाएगी.''

ये भी देखें

Advertisement

 

TOPICS:
Advertisement
Advertisement