मुंबई में एलफिंस्टन स्टेशन के ओवरब्रिज पर मची भगदड़ में 23 लोगों की मौत के बाद इसकी जगह नया फुट ओवर ब्रिज बनाकर उसे मंगलवार को आम लोगों के लिए खोल दिया गया.
रेल मंत्री पीयूष गोयल और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में ब्रिज पर फूल बेचने वाले शिवराज कोंडे ने इसका उद्घाटन किया.
एक अनुमान के मुताबिक इस ब्रिज के निमार्ण से मुंबईकरों के अलावा 1.6 लाख लोगों को सीधा फायदा होने वाला है जो इस फुट ओवर ब्रिज का इस्तेमाल करते हैं.
रेलवे के मुताबिक सेना ने 117 दिन के भीतर इस ब्रिज को तैयार किया है. इस ब्रिज की लंबाई 73 मीट और चौड़ाई 3.65 मीटर है. साथ ही इसके निर्माण में करीब साढ़े दस करोड़ रूपये खर्च हुए हैं.
सितंबर में हुए हादसे के सप्ताह भर बाद ही रेलवे की ओर से स्टेशन पर FOB बनाने का निर्णय लिया गया था. इसके निर्माण की जिम्मेदारी भारतीय सेना को सौंपी गई थी. सेना ने दिन-रात एक कर 5 महीने बाद इस ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा किया.
रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने साझा बैठक कर सेना को इस ब्रिज के निर्माणकार्य की जिम्मेदारी सौंपी थी. सेना ने भी तय वक्त में इस पुल के काम को पूरा किया.
सितंबर 29 को बारिश के कारण ओवर ब्रिज पर फिसलन थी. सुबह अचानक पुल टूटने की अफवाह के साथ इसपर भगदड़ मच गई. इस हादसे में कई लोग कुचलकर तो कई लोगों की दम घुटने से मौत हो गई थी.
परेल और एलफिंस्टन रेलवे स्टेशन को जोड़ने वाला 106 साल पुराने ये ब्रिज हादसे के वक्त लाशों से पट गया था. महिलाओं और बुजुर्गों पर इस हादसे की सबसे ज्यादा मार पड़ी थी.
हादसे से पहले स्थानीय लोग लंबे वक्त से ब्रिज की शिकायत कर रहे थे. लेकिन
कोई कार्रवाई नहीं की गई, पुल पुराना था, भीड़ ज्यादा होती थी इसलिए खतरा
बना रहता था.
महाराष्ट्र सरकार की ओर से हादसे में मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख का मुआवजा देने का ऐलान किया गया था. रेल मंत्री पीयूष गोयल पर इस हादसे के बाद कई सवाल भी उठे थे.