बैंकों में नए नोटों के लिए लग रही भारी भीड़ से निपटने के लिए सरकार ने काली स्याही की तरकीब निकाली है. अब बैंकों से नए नोट लेने वालों की ऊंगलियों पर काली स्याही लगाई जा रही है. ताकि एक बार नए नोट लेने वाले लोग दोबारा लाइन में ना लगें और बाकी लोगों को कैश उपलब्ध कराए जा सके.
बुधवार से बैंकों में कैश लेने पर काली स्याही लगाने का काम शुरू कर दिया गया. गौरतलब है कि मतदान देने के बाद भी इस तरह से उंगली पर पहचान के लिए स्याही लगाई जाती है.
फिलहाल लोग की परेशानी इतनी जल्दी खत्म नहीं होने वाली है. नकदी की समस्या से लोग अभी भी परेशान है और सुबह से ही एटीएम और बैंकों के बाहर कभी ना खत्म होने वाली कतारें लग जा रही हैं.
हजार और पांच सौ के नोट बंद होने से सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं क्योंकि जुताई नहीं हो पा रही, ट्रैक्टर वालों को देने के लिए, खाद के लिए, बीज के लिए पैसे ही नहीं हैं, जिससे खेती बहुत प्रभावित हो रही है.
लोग अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए नकदी चाहते हैं और चलन से बाहर किए गए 500 और 1000 के नोटों के बदले मान्य नोट लेने के लिए लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं.
लोगों को बड़ी मशक्कत कर नए नोट मिल रहे हैं. बैंक हो या एटीएम सभी जगह कैश निकालने और बदलवाने के लिए लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं. दो हजार और पांच सौ के नए नोट जारी हो चुके हैं, हालांकि कई एटीएम से अभी नए नोट ना निकलने की शिकायतें भी मिल रही हैं.
बैंकों के अधिकतर ग्राहक एटीएम के जल्द खाली हो जाने की वजह से परेशान नजर हैं. इसके अलावा अभी हजारों एटीएम ने काम करना शुरू नहीं किया है. कुछ एटीएम में नकदी है, लेकिन वे भी तकनीकी खामी के चलते लोगों की परेशानी का सबब बने हुए हैं.
कतारों का आलम यह है कि संसद भवन और वित्त मंत्रालय की इमारतों में लगे एटीएम में भी लंबी कतार लगी हैं और यहां भी लोगों को नकदी लेने में औसतन एक घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है.
देशभर में लोग अपनी दिक्कतों की शिकायत कर रहे हैं क्योंकि उनकी रोजमर्रा की जरूरतें भी ठीक से पूरी नहीं हो पा रही हैं. छुट्टे पैसे ना होने की वजह से कई लोगों के रोजगार पर भी संकट आ गया है.
अभी एटीएम के द्वारा 500 और 2000 रुपये के नए नोटों को वितरित करने में कई और हफ्ते लग सकते हैं. मौजूदा समय में एटीएम से 100 रुपये के नोट ही निकल रहे हैं.