नवरात्र के समापन पर सिंदूर खेला की परंपरा के साथ श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी. विभिन्न पूजा पंडालों में महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना की. नौ दिनों की भक्ति के बाद मां दुर्गा को मायके से विदा करते हुए भक्त भावुक नजर आए. ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के बीच माता को इस उम्मीद के साथ विदाई दी गई कि वे अगले वर्ष फिर आकर अपना आशीर्वाद प्रदान करेंगी.