सर्दियों का मौसम आ गया है. दिल्ली और आसपास के हिस्सों में न्यूनतम टेंपरेचर में कमी देखने को मिल रही है. ठंड की शुरुआत के साथ ही लोगों को मन में वाल उठ रहा है कि इस बार ठंड कितनी पड़ेगी. इसी सवाल का जवाब मौसम विभाग ने दे दिया है. IMD ने दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के मौसम की जानकारी सामने रखी है.
मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि उत्तर पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ की संभावित गतिविधि के कारण इस बार सर्दी के मौसम में भी कड़ाके की ठंड नहीं पड़ेगी. हालांकि, मौसम विभाग (IMD) के प्रमुख मृत्युंजय मोहापात्रा ने कहा कि तापमान में दिन-प्रतिदिन के आधार पर बदलाव हो सकता है.
आईएमडी ने कहा, "सर्दियों के मौसम (दिसंबर 2022 से फरवरी 2023) के दौरान, प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों और मध्य भारत के कुछ हिस्सों और उत्तर-पश्चिम भारत के अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने की संभावना है. वहीं, उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है.
मोहापात्रा ने उत्तर पश्चिम भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान के लिए पश्चिमी विक्षोभ की गतिविधि में कमी और पूर्वी हवाओं के प्रवेश को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी विक्षोभ गतिविधि में कमी के चलते इस बार कम बादल छाए रहेंगे और दिन का तापमान अधिक रहेगा. साथ ही, बंगाल की खाड़ी से पूर्वी हवाओं का प्रवेश हो सकता है. इससे न्यूनतम तापमान में वृद्धि होगी लेकिन जरूरी नहीं कि बारिश हो.
मौसम विभाग ने कहा कि प्रायद्वीपीय भारत के तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, केरल और माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में दिसंबर में सामान्य बारिश होने की संभावना है. हालांकि, पूरे देश में दिसंबर में मासिक वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है.