देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. महाराष्ट्र के आंतरिक क्षेत्रों विदर्भ, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में स्थिति सबसे गंभीर बनी हुई है. कोंकण तट को छोड़कर राज्य के लगभग सभी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जबकि कई स्थानों पर यह 42 डिग्री सेल्सियस से भी अधिक पहुंच गया है.
अकोला में हालात सबसे ज्यादा गंभीर हैं, जहां लगातार तीसरे दिन देश में सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया. यहां अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ है, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है.
एंटी-साइक्लोन बना गर्मी की वजह
स्काईमेट के अनुसार महाराष्ट्र और कर्नाटक के ऊपर 10,000 से 20,000 फीट की ऊंचाई पर एक एंटी-साइक्लोन सक्रिय है. इसके कारण ऊपर से हवा नीचे की ओर दब रही है, जिससे सतह का तापमान तेजी से बढ़ रहा है. यह मौसमी स्थिति 18 अप्रैल तक बनी रह सकती है, जिसके बाद इसमें बदलाव की संभावना जताई गई है.
दिल्ली में गर्मी लेकिन हीटवेव नहीं
दिल्ली में भी गर्मी का असर बढ़ता जा रहा है. अगले 4-5 दिनों में तापमान को 40 डिग्री या उससे अधिक तक पहुंचा सकता है. तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा, लेकिन फिलहाल हीटवेव की स्थिति बनने की संभावना नहीं है. हीटवेव तब घोषित होती है जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियससे ऊपर हो और सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस या अधिक बढ़ जाए. दिल्ली-एनसीआर में इसके लिए तापमान का 41 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाना जरूरी है.
देश के अन्य हिस्सों में मौसम का हाल
मौसम के पूर्वानुमान के मुताबिक, आज पूर्वोत्तर भारत में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है. वहीं केरल के कुछ हिस्सों में भी हल्की बारिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 16 से 19 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है. उत्तर-पश्चिम पंजाब में 16 अप्रैल को कहीं-कहीं हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं.
कई राज्यों में लू का असर जारी
तेलंगाना, रायलसीमा, मराठवाड़ा, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कुछ हिस्सों में लू चलने की आशंका जताई गई है. वहीं बिहार और सौराष्ट्र-कच्छ के क्षेत्रों में अगले 4 से 5 दिनों तक गर्म और उमस भरा मौसम बना रहने का अनुमान है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी से राहत फिलहाल सीमित ही रहने की संभावना है.