देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दसवें दिन से पहले ही 42 करोड़ से अधिक गणना फॉर्म मतदाताओं के घरों तक पहुंचा दिए गए हैं. एक राज्य और एक केंद्रशासित प्रदेश ने 100 प्रतिशत फॉर्म वितरण का लक्ष्य पूरा कर लिया है.
निर्वाचन आयोग के अनुसार, गुजरात में 94.27%, पुदुच्चेरी में 93.41% और पश्चिम बंगाल में 93.22% मतदाताओं के घरों तक गणना फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं. इसके अलावा अंडमान निकोबार द्वीप समूह में 89.81%, राजस्थान में 86.82%, तमिलनाडु में 81.37% मतदाताओं के घरों तक बूथ लेवल अफसर फॉर्म पहुंच चुके हैं.
UP और MP में फॉर्म वितरण की स्थिति
वहीं, उत्तर प्रदेश में 79.89%, छत्तीसगढ़ में 78.41%, मध्य प्रदेश में 74.41% और केरल में सबसे कम 62.50% मतदाताओं के घर तक बीएलओ गणना फॉर्म वितरित किए गए हैं.
जल्द पूरा होगा फॉर्म वितरण का काम
आयोग ने उम्मीद जताई है कि अगले तीन से पांच दिनों में, यानी अभियान के 15वें दिन से पहले ही 100% घरों तक फॉर्म पहुंचाने का काम पूरा हो जाएगा. इसके बाद भरे हुए फॉर्म वापस लेकर डाटा एंट्री का काम भी तेजी से आगे बढ़ेगा.
आयोग के मुताबिक, 2002 से 2004 की मतदाता सूची को आधार मानकर कुल 50 करोड़ 95 लाख 26 हजार 685 फॉर्म छापे गए थे, जिनमें से 42 करोड़ 18 लाख 16 हजार 210 फॉर्म मतदाताओं के घरों तक पहुंचा दिए गए हैं. अगले 20 दिनों में केवल 8 करोड़ 77 लाख 10 हजार 415 फॉर्म ही बांटने शेष हैं.
7 फरवरी को जारी होगी फाइनल लिस्ट
चार दिसंबर तक मतदाताओं के घरों तक फॉर्म पहुंचाने और भरे हुए फॉर्म वापस लाने की समय सीमा निर्धारित है. इसके पांच दिन बाद, यानी 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. जिन योग्य मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं होंगे, वे जिला निर्वाचन अधिकारी के पास अपील कर अपनी योग्यता के सबूत पेश कर सकते हैं. यदि वहां अपील खारिज हो जाती है, तो राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के पास भी अपील दाखिल की जा सकती है.
इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी को फरवरी के पहले सप्ताह में प्रकाशित की जाएगी