दुनियाभर में अपनी भव्यता और परंपराओं के लिए फेमस त्रिशूर पूरम इस साल एक अहम बदलाव के साथ होने जा रहा है. आयोजन समिति ने साफ कर दिया है कि इस बार त्योहार में आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं किया जाएगा. यह फैसला हाल ही में हुए उस दर्दनाक हादसे के बाद लिया गया है, जिसमें पटाखा विस्फोट के चलते 13 लोगों की जान चली गई थी.
आमतौर पर त्रिशूर पूरम की पहचान उसकी शानदार आतिशबाजी से जुड़ी होती है. हजारों की संख्या में लोग, जिनमें देश-विदेश के पर्यटक भी शामिल होते हैं, इस खास आकर्षण को देखने के लिए पहुंचते हैं. रात के आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी और तेज आवाज से यह नजारा सबसे बड़ा आकर्षण माना जाता है.
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लेकिन इस बार सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयोजकों ने अहम फैसला लिया है. उनका कहना है कि सुरक्षा को लेकर तय हुआ है कि आतिशबाजी नहीं करें. हादसे के बाद से इस बात पर चर्चा चल रही थी कि इस साल उत्सव आयोजित किया जाए या नहीं.
काफी विचार-विमर्श के बाद यह तय किया गया कि उत्सव को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाएगा, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग पहले से ही अपनी यात्रा और रहने की बुकिंग कर चुके हैं. ऐसे में सभी पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों को जारी रखने का निर्णय लिया गया है.
हालांकि, कुछ कार्यक्रमों में बदलाव जरूर किया गया है. जैसे कि ‘कुडामाट्टम’- जो इस उत्सव का एक प्रमुख आकर्षण है. उसे इस बार सीमित स्तर पर आयोजित किया जाएगा. इसमें छतरियों के रंग-बिरंगे और आकर्षक प्रदर्शन को कम संख्या में किया जाएगा. आयोजकों का कहना है कि इस साल का त्रिशूर पूरम सादगी और सुरक्षा के साथ मनाया जाएगा. उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि श्रद्धालु बिना किसी डर के उत्सव का हिस्सा बन सकें.