तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने राज्य के सड़क व भवन (R&B) विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ मोहन नाइक जरुपला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का मामला दर्ज किया है. ACB का आरोप है कि अधिकारी ने अपनी आय के सोर्स से कहीं अधिक संपत्ति जुटाई है. उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (2018 संशोधन) की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत केस दर्ज किया गया है.
17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
मामला दर्ज होने के बाद 9 जून 2026 को ACB ने मोहन नाइक जरुपला के आवास, कार्यालय और उनके रिश्तेदारों, सहयोगियों तथा कथित बेनामी लोगों से जुड़े कुल 17 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की. जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक करीब 17.94 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है, हालांकि इन संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कीमत से कहीं अधिक हो सकता है.

19 एकड़ खेती की जमीन और सात फ्लैट
छापेमारी के दौरान निजामाबाद जिले के मुल्लांगी गांव में 19.38 एकड़ कृषि भूमि, जिसकी कीमत करीब 82.9 लाख रुपये आंकी गई है, का पता चला. इसके अलावा सात फ्लैट मिले, जिनमें तीन कोम्पल्ली और चार गाचीबौली में हैं. इनकी कुल कीमत लगभग 7.35 करोड़ रुपये बताई गई है. मियापुर में करीब 2.5 करोड़ रुपये की एक ट्रिप्लेक्स विला और कुकटपल्ली में लगभग 62.14 लाख रुपये का नया मकान भी मिला.
9 मोबाइल, ढाई किलो सोना
जांच में यह भी सामने आया कि निजामाबाद में एक नई विला खरीदने के लिए 1 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि दी गई थी. ACB ने छापेमारी के दौरान 55 लाख रुपये नकद, करीब 1.44 करोड़ रुपये की बैंक जमा, 2.5 किलोग्राम सोने के आभूषण (करीब 2 करोड़ रुपये), 6 किलोग्राम चांदी, लगभग 1.26 करोड़ रुपये के घरेलू सामान, 9 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप और करीब 25 लाख रुपये कीमत के दो वाहन भी बरामद किए.
ACB ने बताया कि अब तक बरामद संपत्तियों का कुल मूल्य 17,94,62,617 रुपये है. एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के नाम या उससे जुड़े अन्य लोगों के पास और संपत्तियां तो नहीं हैं. मोहन नाइक जरुपला को गिरफ्तार कर हैदराबाद की विशेष ACB अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. मामले की आगे की जांच जारी है.