पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. शकील अहमद इन दिनों राहुल गांधी पर की बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में हैं. अब उन्होंने राहुल गांधी पर कांग्रेस नेताओं द्वारा अपने घर पर हमला करने का निर्देश देने का आरोप लगाया है. उन्होंने दावा किया कि मैंने कई बार राहुल को उनकी गलतियों के बारे में बताया है.
डॉ. शकील अहमद ने अपने घर हमला करवाने का दावा करते हुए आजतक से फोन पर खास बातचीत में कहा कि देखिए, एक पॉडकास्ट में मैंने कहा था कि राहुल की वजह से कांग्रेस को राजनीति में नुकसान हो रहा है.
'सीनियर नेताओं को पसंद नहीं करते राहुल'
उन्होंने दावा किया कि राहुल सीनियर लोगों को पसंद नहीं करते हैं, वह उन्हें घर बैठाना चाहते हैं. वह पुराने नेताओं को यूथ कांग्रेस के नेताओं से रिप्लेस करना चाहते हैं और ये बात मैं ऐसे ही नहीं कह रहा हूं, मैंने राहुल को बहुत करीब से देखा है. उनके साथ हमने पदयात्रा की है और ये भारत जोड़ो यात्रा नहीं, उसमें भी हम सात किलोमीटर चले जो पंजाब में उनकी पद यात्रा थी. तब मैं जनरल सेक्रेटरी था तो उस वक्त मैं और अमरेंद्र सिंह उनके साथ-साथ चले थे. और उसके बाद हम लोग मंडी गए. मैंने उनके घर में बैठकर उनसे घंटों बात भी की है.
'मैंने कई बार राहुल को समझाया'
पूर्व कांग्रेस नेता ने दावा किया कि मुझे लगता है कि मेरी गलती ये थी कि मैंने उनको मना करता रह गया कि मंदिर जाना बंद मत कीजिए. इलेक्शन के वक्त आप रोज मंदिर जाते थे, इलेक्शन के बाद बंद कर देते हैं जाना, सॉफ्ट हिंदुज्म नहीं कीजिए या जब वह अपने भाषण में कोई गलत बात बोल देते थे तो, वरिष्ठ होने के नाते में उनको बोलता था. लेकिन जो-जो बात मैं बोलता था तो मुझे लगता था कि उन्हें बुरा लगता था. इसी वजह से उन्होंने मुझे टारगेट कर लिया. इसके बाद उन्हीं के बनाए हुए प्रदेश अध्यक्ष अल्लाहाबेरू ने मुझे बिहार विधानसभा चुनाव में टारगेट कर लिया और मुझको ह्यूमिलिएट किया मुझसे कोई बात नहीं की. इसलिए मैंने दुखी होकर पार्टी छोड़ दी.
दुखी होकर छोड़ी पार्टी: शकील
बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि कई नेता पार्टी में ऐसे हैं जो आज भी दुखी मन से काम कर रहे हैं, क्योंकि उनकी अगली पीढ़ी कांग्रेस में है. इसीलिए वह मजबूरी में पार्टी में पड़े हैं. अपने बाल-बच्चों के लिए इंसान क्या नहीं करता.
कांग्रेस नेताओं ने किया फोन
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने ही मुझे कल फोन कर बताया कि सर अभी-अभी दिल्ली से फोन आया है. कल आपका पुतला दहन करने का तो बहाना होगा, लेकिन आपके मधुबनी और पटना के घर हमला होगा. इसके बाद यूथ कांग्रेस ने ऑर्डर निकाल दिया कि शीर्ष नेतृत्व के आदेश पर हम कल शकील अहमद के खिलाफ पुतला जला कर विरोध करेंगे.
'मैं मुस्लिम हूं...'
उन्होंने पुतला दहन पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये लोग पुतला जला कर हमारा धर्म खराब कर रहे हैं. हम तो मुस्लिम हैं, हमको दफन करना चाहिए. हमारा पुतला क्यों जला रहे हैं?
शकील अहमद ने बातचीत के दौरान कहा कि मधुबनी वाले घर में कोई नहीं रहता, मैं वहां चुनाव का वक्त जाता हूं, लेकिन पटना वाले घर में मैं अपने परिवार के साथ रहता हूं. मैंने इस बारे में पुलिस को जानकारी दे दी हैं, पुलिस की टीम भी यहां आ चुकी है. मैंने इस बारे में रात को ही पुलिस को जानकारी दे दी थी.
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि क्या आपको जान का खतरा है तो उन्होंने कहा कि खतरा नहीं है, बिहार कांग्रेस तो मेरा परिवार है, अगर बाहर के लोग आ गए तो मैं नहीं कह सकता. मैं तो आज भी उन्हें बोलता हूं कि मेरे साथ फोटो मत लो, तुम्हारा करियर खराब हो जाएगा. तो वो बोलते हैं कि बिहार कांग्रेस में किसका करियर बन रहा है.
कौन हैं शकील अहमद
आपको बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के महासचिव रह चुके शकील अहमद ने 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस छोड़ दी थी. वह बिहार से तीन बार विधायक (1985-90, 1990-95 और 2000-2004) और दो बार सांसद (1998 और 2004) रह चुके हैं.