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कर्नाटक में बोले सचिन पायलट- कौन क्या बनेगा, फैसला दिल्ली में आलाकमान लेता है

राजस्थान में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने कहा कि मैं लगातार वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हूं. हर चुनाव में जीत हासिल करना हमारे लिए महत्वपूर्ण है. हम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

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कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (File-PTI)
कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट (File-PTI)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट एक दिन के लिए कर्नाटक दौरे पर
  • 'हम जिस चुनाव में उतरे उस चुनाव में जीत हासिल करना महत्वपूर्ण'
  • मुझे नहीं पता कि संपत्ति बेचने से किसानों को फायदा होगाः पायलट

कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट आज बुधवार को एक दिन के लिए कर्नाटक के दौरे पर हैं और इस दौरान उन्होंने राजस्थान की राजनीति तथा संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कहा कि कौन क्या बनेगा, यह फैसला दिल्ली में पार्टी आलाकमान लेता है.

पायलट ने कहा कि पार्टी और सरकार को मिलकर काम करने की जरूरत है. हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम फिर से वापस आने के लिए कड़ी मेहनत करें.

राजस्थान में प्रस्तावित मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि मैं लगातार वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हूं. हर चुनाव में जीत हासिल करना हमारे लिए महत्वपूर्ण है. हम लक्ष्य हासिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि कौन क्या बनेगा, यह फैसला दिल्ली में पार्टी आलाकमान लेता है.

कांग्रेस में प्रशांत किशोर (पीके) में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे. 

हमने आज गरीबी को बढ़ते देखाः पायलट

उन्होंने केंद्र की आर्थिक रिफॉर्म पॉलिसी की आलोचना की और कहा कि हमने आज गरीबी को बढ़ते देखा है, अमीरों को अमीर बनते देखा है. अर्थव्यवस्था का हर क्षेत्र बिखर रहा है.

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सचिन पायलट ने आर्थिक सुधारों की आलोचना करते हुए कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) पहले ही भारत सरकार के खिलाफ कड़ा बयान दे चुकी है. यह मुद्रीकरण योजना के बारे में है. यह निजीकरण बनाम विनिवेश बनाम मुद्रीकरण है. क्या ये हमारी परिसंपत्तियां हैं? हमारे पास सड़कें, रेलवे आदि हैं. ये हमारे पिछले कुछ दशकों में तैयार मुख्य रणनीतिक परिसंपत्तियां हैं. परिसंपत्तियां पैसा कमा रही हैं.

पायलट ने कहा कि प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) ने पिछले 3 सालों में बुनियादी ढांचे के लिए 100 लाख करोड़ की घोषणा की है. बतौर प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने 1991 में जो फैसले लिए थे भारत उन्हीं फैसलों की वजह से आज खड़ा है.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन (NMP) प्रोग्राम की शुरुआत की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि इन संपत्तियों का स्वामित्व सरकार के पास ही रहेगा, बस इन्हें कमाने के लिए ही अन्य पार्टियों को दिया जाएगा. कुछ साल के बाद ये प्राइवेट कंपनियां इसे सरकार को वापस कर देंगी.

वित्त मंत्री के इस फैसले पर सचिन पायलट ने कहा कि वित्त मंत्री का कहना है कि स्वामित्व भारत सरकार के पास होगा, लेकिन जब ये केवल कुछ खिलाड़ियों के पास होगा, तो इससे एकाधिकार बनता है.

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नहीं पता संपत्ति बेचने से किसानों को फायदा होगाः पायलट

कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने अपने घोषणापत्र में कहा था कि घाटे में चल रही संस्थाओं को अनुमति दी जाएगी. हमने आज गरीबी को बढ़ते देखा है, अमीरों को अमीर बनते देखा है, अर्थव्यवस्था का हर क्षेत्र बिखर रहा है. सरकार ने प्रोत्साहन पैकेज देने की कोशिश की फिर भी नतीजा यह रहा कि अर्थव्यवस्था सिकुड़ रही है.  रेलवे, खनन, दूरसंचार रणनीतिक परिसंपत्तियां हैं. 

एक सवाल के जवाब में पायलट ने कहा कि मुझे नहीं पता कि संपत्ति बेचने से किसानों को फायदा होगा.

पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट ने कहा कि अब सवाल यह है कि भारत की प्राथमिकता क्या है?आज तेल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है. रसोई गैस की कीमत 900 रुपये से अधिक हो गई है. उन्होने कहा कि नारे देखो तो स्मार्ट सिटी, स्वच्छ भारत, स्टैंड अप इंडिया जैसे नारे चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके इतर डिलीवरी जीरो है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार मार्केटिंग और ब्रांडिंग में माहिर है. 

कोरोना टीकाकरण की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि यह टीकाकरण अभियान ही विवादास्पद है. शुरू में अलग-अलग कीमतों पर बेचा गया. उन्होंने कहा कि ऐसे में सही सवाल पूछना जरूरी है. 

मॉनसून सत्र में कामकाज नहीं होने पर कांग्रेस के नेता ने कहा कि दुख की बात है कि पिछला संसद सत्र खराब रहा.

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करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज की घटना पर पायलट ने कहा कि हरियाणा पुलिस की बर्बरता शर्मनाक है. कांग्रेस ने कड़ा रुख अख्तियार किया है कि हम अपनी आवाज बुलंद करेंगे.

 

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