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Ukraine की बेटी के लिए चिंतित है सूरत का परिवार, भावुक कर देगी फिक्र के पीछे की वजह

Russia Ukraine War: देवाणी परिवार ने अपने ब्रेनडेड बेटे रवि के जरूरी अंगों को प्रत्यारोपण करने के लिए दान करने का फैसला किया. यूक्रेन की रहने वाली नतालिया का मुंबई में दिल की बीमारी का इलाज चल रहा था. उसे दिल की जरूरत थी, जिसके बाद रवि का दिल नतालिया के शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिया गया.

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रवि के बड़े भाई सतीश देवाणी, मां लीला बेन, नतालिया और रवि के पिता ठाकरसी भाई. रवि के बड़े भाई सतीश देवाणी, मां लीला बेन, नतालिया और रवि के पिता ठाकरसी भाई.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • देवाणी परिवार के 21 साल के बेटे रवि की सड़क हादसे में हो गई थी मौत
  • नतालिया के सीने में ट्रांसप्लांट किया गया था रवि का दिल

रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को 3 महीने हो चुके हैं. अब तक युद्ध थमने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. यूं तो यूक्रेन से आती तबाही की खबरों ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल रखा है. लेकिन गुजरात के सूरत का एक परिवार यूक्रेन में रहने वाली एक बेटी के लिए बेहद चिंतित है. ये परिवार भगवान से कामना कर रहा है कि इस युद्ध में यूक्रेनी मूल की उस बेटी को कोई खरोंच भी न पहुंचे और जल्द से जल्द ये जंग खत्म हो जाए. 

यूक्रेन की बेटी के लिए परेशान हो रहा देवाणी परिवार सूरत के कामरेज इलाके की श्याम नगर सोसायटी में रहता है. देवाणी परिवार के 21 वर्षीय बेटे की मौत 6 अप्रैल 2017 को अहमदाबाद में हो गई थी. मोटरसाइकिल पर सवार होकर कहीं जाते समय उसका एक्सीडेंट हो गया था. उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. यहां डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया. 

देवाणी परिवार ने ब्रेनडेड रवि के जरूरी अंगों को प्रत्यारोपण करने के लिए दान करने का फैसला किया. इस दौरान यूक्रेन की रहने वाली नतालिया का मुंबई में दिल की बीमारी का इलाज चल रहा था. नतालिया को जीवित रहने के लिए एक दिल की जरूरत थी. 

हादसा
यूक्रेन की राजधानी कीव में रवि के माता-पिता का सम्मान करती नतालिया.

सूरत की डोनेट लाइव संस्था के फाउंडर चेयरमैन नीलेश मांडलेवाला की कोशिश से रवि देवाणी का दिल यूक्रेन मूल की नतालिया के शरीर में ट्रांसप्लांट कर दिया गया. नतालिया यूक्रेन चली गई. इसके बाद करीब 3 साल पहले नतालिया ने रवि के पिता ठाकरसी भाई, माता लीला बेन और बड़े भाई सतीश देवाणी का पता लगाकर उन्हें यूक्रेन बुलाया. यूक्रेन की राजधानी कीव में मान-सम्मान के साथ उनके लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया.

नतालिया ने रवि देवाणी के माता-पिता को माता-पिता कहकर ही बुलाया. इसके बाद यूक्रेनी मूल की नतालिया सूरत के देवाणी परिवार की बेटी बन गई. तब से यूक्रेन में रह रही नतालिया और सूरत में रह रहे देवाणी परिवार के बीच लगातार बातचीत होती रही. नतालिया ने हार्ट ट्रांसप्लांट करवाने के बाद अंगदान की जागृति के लिए यूक्रेन में अभियान चलाया. 

जैसे ही रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ी, सूरत का देवाणी परिवार नतालिया को लेकर चिंतित हो गया. देवाणी परिवार के मुखिया ठाकरसी भाई देवाणी और उनकी पत्नी लीला बेन हर रोज नतालिया के सुरक्षित रहने के लिए भगवान से प्रार्थना करते हैं.

हादसा
रवि के माता-पिता जब यूक्रेन पहुंचे तो नतालिया ने उन्हें कई जगहों पर घुमाया था.

नतालिया और देवाणी परिवार एक दूसरे की भाषा तो नहीं समझते, लेकिन मैसेंजर पर ट्रांसलेटर के सहारे वे लोग किसी तरह बातचीत करते हैं. नतालिया के सीने में रवि का दिल धड़कने के कारण देवाणी परिवार को नतालिया अपनी बेटी की तरह लगती है. 

नतालिया पहले यूक्रेन के कीव में ही रहती थी, लेकिन रूस के हमले के बाद दूसरे लोंगो की तरह वह ग्रामीण इलाकों की तरफ चली गई. देवाणी परिवार नतालिया की फिक्र अपने बेटे की तरह कर रहा है. वे लोग बातचीत कर नतालिया से उसका हाल-चाल पूछते रहते हैं. 

हादसे में अपने बेटे रवि को खोने के बाद अब देवाणी परिवार नतालिया को नहीं खोना चाहता. यही वजह है कि वह उसकी सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंतित रहते हैं. ठाकरसी भाई देवाणी ने नतालिया को यूक्रेन छोड़कर सूरत आने का आग्रह किया था, लेकिन उसने वहां से निकलने का कोई रास्ता ना होने का हवाला दिया.

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