आरएसएस ने रविवार को अयोध्या में श्री राम मंदिर में दान पेटी की गिनती में कथित अनियमितताओं पर दुख जताया और भरोसा दिखाया कि एसआईटी की चल रही जांच और पुलिस की कार्रवाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी.
यह मुद्दा कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित आरएसएस की वार्षिक 'अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक' के आखिरी दिन उठा, जहां संगठन ने अपनी प्रशिक्षण गतिविधियों और शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा की और जनसंख्या असंतुलन से लेकर नशीली दवाओं के दुरुपयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की.
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बता दें, आरएसएस ने एक विज्ञप्ति में कहा कि बैठक में सभी ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दान पेटी की गिनती में अनियमितताओं की घटना पर दुख जताया और भरोसा जताया कि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर शुरू की गई एसआईटी और पुलिस की कार्रवाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, संघ ने कहा कि उसे तीर्थ क्षेत्र न्यास से यह उम्मीद भी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में ऐसी कोई घटना न हो जिससे राम मंदिर के प्रति सभी राम भक्तों की श्रद्धा और गहरी आस्था को ठेस पहुंचे.
बता दें, राम मंदिर के दान में कथित हेराफेरी का मामला 7 जून को सामने आया था. इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद 25 जून को FIR दर्ज की गई थी.
इस मामले में मंदिर के दान और गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और जांच जारी है. बता दें, 10 से 12 जुलाई तक चली तीन दिवसीय बैठक आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और 226 कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में संपन्न हुई.