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कौन हैं वो सात सांसद... जो AAP छोड़कर बीजेपी में जाएंगे, जानिए पूरी प्रोफाइल

राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, "मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं."

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राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है
राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ऐलान किया साथ ही बीजेपी में विलय होने की घोषणा की. राघव चड्ढा ने अपने ही साथ ही सात नाम और गिनाए जो बीजेपी में जाने वाले हैं. दिलचस्प है कि 15 दिन पहले राघव चड्ढा को हटाकर जिन्हें राज्यसभा में डिप्टी लीडर बनाया था, वह अशोक मित्तल भी अब बीजेपी में जा रहे हैं.

'मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं'
राघव चड्ढा ने प्रेस कांफ्रेंस में भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, 'मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं.'

दो तिहाई से अधिक सांसद बीजेपी में हो रहे शामिल- राघव चड्ढा
इस दौरान उन्होंने 7 सांसदों के नाम गिनाए, जो अब भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे हैं. राघव चड्ढा ने बताया कि इस मर्जर, इस्तीफे आदि की कागजी कार्रवाई उन्होंने पूरी कर ली है. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने बीजेपी में विलय का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि AAP के कुल 10 राज्यसभा सांसद हैं और इनमें से 2/3 से ज्यादा इस फैसले के साथ हैं.

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Raghav Chaddha

राघव चड्ढा के मुताबिक, सभी सांसदों ने इस संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और इन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि तीन सांसद उनके साथ मौजूद हैं, जबकि अन्य में हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं.

1. स्वाति मालीवाल: स्वाति मालीवाल जनवरी 2024 में राज्यसभा सांसद बनी थीं. वह दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष भी रही हैं. इसके अलावा आम आदमी पार्टी में भी उनकी अहम भूमिकाएं रही हैं. हालांकि बीते साल उनका AAP मुखिया अरविंद केजरीवाल के साथ बड़ा विवाद सामने आया था. तब से वह आम आदमी पार्टी से नाराज ही चल रही थीं. 

2. अशोक कुमार मित्तल: अशोक मित्तल अशोक कुमार मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं. उन्हें आम आदमी पार्टी ने मार्च 2022 में राज्यसभा भेजा था. हाल ही में आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा के डिप्टी लीडर पद से हटाकर अशोक मित्तल को ये पद सौंपा था. अशोक मित्तल आम आदमी पार्टी के अनुभवी नेता रहे हैं और शिक्षा के क्षेत्र में काम कर अपनी पहचान बनाई है.

3. संदीप पाठक: डॉ. संदीप पाठक अप्रैल 2022 से पंजाब से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद रहे हैं. उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव भी बनाया गया था. वह आईआईटी दिल्ली में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे हैं. उन्होंने कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पीएचडी की है. आम आदमी पार्टी में संदीप पाठक को अरविंद केजरीवाल का करीबी माना जाता रहा है और उन्होंने पंजाब में आप की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.

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4. हरभजन सिंह: पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और पंजाब से राज्यसभा सांसद बने थे. उन्होंने 18 जुलाई 2022 को शपथ ली, और उनका कार्यकाल 2028 तक है.

5. बलबीर सिंह सीचेवाल: पंजाब प्रांत में बलबीर सिंह सीचेवाल को इको बाबा और संत के तौर पर जाना जाना जाता है. उन्होंने पर्यावरण और नदी संरक्षण से जुड़ी कई मुहिम चलाई हैं. साल 2022 में उनका राजनीतिक करियर आम आदमी पार्टी के साथ शुरू हुआ था. तब आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्य सभा भेजा था.

जालंधर के किसान परिवार में जन्मे बाबा सीचेवाल कई वर्षों से नदियों में बढ़ते प्रदूषण को रोकने की मुहिम चला रहे हैं. 2017 में बाबा सीचेवाल के महत्वपूर्ण योगदान के लिए उन्हें पदम श्री से सम्मानित किया गया था.

6. विक्रमजीत सिंह साहनी: विक्रमजीत सिंह साहनी भी समाजसेवी हैं. उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. उन्हें मॉरीशस के राष्ट्रपति द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. उनकी तरफ से विश्व पंजाबी संसदीय मंच का गठन किया गया था.

राघव चड्ढा ने कहा कि, 'पिछले कुछ सालों से, मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. हमने यह फैसला किया है कि हम संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे. उन्होंने कहा 'जिस AAP को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वह अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है. अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है.

संदीप पाठक को दिल्ली चुनाव के बाद किया गया था साइडलाइन
बता दें कि पार्टी के वरिष्ठ नेता संदीप पाठक को दिल्ली चुनाव में हार के बाद अरविंद केजरीवाल ने साइडलाइन कर दिया था. चुनाव के आखिरी चरण में उन्हें निर्णय प्रक्रिया से भी दूर रखा गया. जबकि 2022 के पंजाब चुनाव से पहले और उसके बाद लंबे समय तक संगठन की रणनीति तय करने में उनकी अहम भूमिका रही थी.

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बताया जाता है कि संदीप पाठक को छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया था, जबकि अन्य नेताओं को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी दी गई थी. इनमें मनीष सिसोदिया, और सत्येंद्र जैन को पंजाब, आतिशी को गोवा और गोपाल राय  व दुर्गेश पाठक को गुजरात की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

इस बीच दावा किया जा रहा है कि राघव चड्ढा, संदीप पाठक, और अशोक मित्तल ने आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली है. साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि राज्यसभा में AAP के दो-तिहाई से ज्यादा सांसद अब बीजेपी के साथ हैं और इस संबंध में पत्र पर हस्ताक्षर कर सौंप दिया गया है. इसके अलावा हरभजन सिंह का नाम भी इस पूरे घटनाक्रम में सामने आ रहा है. 
 

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