संसद में विपक्ष सरकार पर हमलावर है. जासूसी विवाद को लेकर संसद में हुए हंगामे के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी. इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वदलीय फ्लोर मीटिंग बुलाई. सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना पर हम सबको राजनीति से ऊपर उठकर सोचना चाहिए. उन्होंने यह आश्वासन दिया कि वैक्सीन की कमी किसी भी राज्य में नहीं होगी.
कोरोना पर संसद के दोनों सदनों के फ्लोर लीडर्स की बैठक को स्वास्थ्य सेक्रेटरी ने भी संबोधित किया. विपक्षी कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने पीएम की ओर से बुलाई गई फ्लोर मीटिंग से खुद को अलग करने का ऐलान पहले ही कर दिया था. इन दलों का कोई भी प्रतिनिधि बैठक में नहीं पहुंचा था. कांग्रेस ने कहा कि सभी सांसदों की ब्रीफिंग होनी चाहिए. सेंट्रल में लोकसभा की एकबार और एकबार राज्यसभा के सांसदों की ब्रीफिंग होनी चाहिए.
कांग्रेस का यह भी कहना था कि हमने प्रधानमंत्री की बैठक का हमने बॉयकॉट नहीं किया है लेकिन हमारी मांग है कि सभी सांसदों की ब्रीफिंग हो. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे का कहना है कि अगर सांसदों को सरकार ब्रीफ करेगी, प्रधानमंत्री ब्रीफ करेंगे तो सभी सांसद जाकर अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को बता सकेंगे कि सरकार क्या कर रही है.
अकाली दल का ऐलान
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि सरकार और पीएम की ओर से ब्रीफ किए जाने पर सभी सांसद अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को यह भी बता सकेंगे क्या हुआ है. दूसरी तरफ शिरोमणि अकाली दल ने भी पीएम की बैठक से दूर रहने का ऐलान किया है. शिरोमणि अकाली दल के सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि हम केवल उस बैठक में जाएंगे जो किसानों को लेकर बुलाई जाएगी. सुखबीर सिंह बादल का कहना है कि किसानों के मसले को छोड़कर सरकार की ओर से बुलाई गई किसी भी बैठक में हम नहीं जाएंगे.
आम आदमी पार्टी ने भी बनाई दूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से बुलाई गई बैठक से दिल्ली की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने भी दूरी बना ली है. पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा है कि हम चाहते हैं कि पहले सरकार कृषि बिल और किसानों की समस्या का समाधान निकाले. उसके बाद ही हम मीटिंग में जाएंगे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से बुलाई गई आज की बैठक में हमने न जाने का फैसला किया है.
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने आज शाम 6 बजे से सर्वदलीय बैठक बुलाई है जिसमें सरकार की ओर से सभी सवालों के जवाब दिए जाने हैं. इस दौरान कोरोना को लेकर प्रेजेंटेशन भी दिया जाना है और कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों को लेकर भी चर्चा किए जाने की भी चर्चा है.