प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों 5 देशों के दौरे पर हैं. शनिवार को वो नीदरलैंड पहुंचे थे. यहां पीएम मोदी नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री रोब जेटन से मिले. द हेग में दोनों के बीच हुई एक अहम बैठक के बाद दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर ले जाने का फैसला किया.
बैठक के दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, जल प्रबंधन, क्लीन एनर्जी, स्वास्थ्य सेवा और एजुकेशन सहित कई क्षेत्रों में चल रहे सहयोग पर बात की. भारत और नीदरलैंड्स ने इन क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने के लिए कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए.
पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंडस के रिश्तों में काफी सुधार हुआ है. उन्होंने नीदरलैंड्स को यूरोप में भारत के सबसे अहम भागीदारों में से एक बताया.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और नीदरलैंड्स के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, मजबूत आर्थिक सहयोग और गहरे व्यावहारिक संबंधों पर टिके हैं. पीएम मोदी ने कहा, 'लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और जिम्मेदार व्यवहार हमारे साझा नजरिए का हिस्सा हैं.'
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डच 'विशेषज्ञता' और भारत की 'रफ्तार-हुनर' का मेल
पीएम मोदी ने सलाह दी कि भारत और नीदरलैंड्स को डच एक्सपर्टाइज को भारत की रफ्तार और हुनर के साथ जोड़ना चाहिए. इससे इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी, निवेश और रक्षा क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जा सकेगा. भारत और नीदरलैंड्स के संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर ले जाने की घोषणा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हमें इनोवेशन, निवेश, सस्टेनेबिलिटी और रक्षा के क्षेत्रों में अपने सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की जरूरत है.'
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रोब जेटन ने भी भारत के साथ संबंधों की बढ़ती अहमियत पर जोर दिया. उन्होंने आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्रों में मजबूत सहयोग का पूरा समर्थन किया.
डच कंपनियों को भारत आने का बुलावा
द्विपक्षीय बैठक से पहले पीएम मोदी और डच पीएम रोब जेटन ने द हेग में आयोजित 'सीईओ राउंडटेबल' में संयुक्त रूप से हिस्सा लिया. इस बैठक में ऊर्जा, बंदरगाह, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और टेक्नोलॉजी क्षेत्र से जुड़ी डच कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए.
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने डच कंपनियों को भारत में निवेश बढ़ाने के लिए आमंत्रित किया. उन्होंने खास तौर पर रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर, समुद्री बुनियादी ढांचे, डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में निवेश करने को कहा.
प्रधानमंत्री ने भारत की तेज आर्थिक विकास दर और व्यापार को आसान बनाने के लिए किए गए सुधारों का जिक्र किया. उन्होंने बताया कि भारत ने टैक्स व्यवस्था, श्रम नियमों और गवर्नेंस में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे बिजनेस करना बेहद आसान हो गया है. पीएम मोदी ने कहा, 'आज का भारत स्केल एंड स्टेबिलिटी का प्रतीक है.'
भारत में डिजाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों से भारत में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की अपील करते हुए कहा कि देश विनिर्माण, विनिर्माण तकनीक और नवाचार में बेजोड़ मौके दे रहा है. उन्होंने कहा, 'हम आप सभी को भारत में डिजाइन और इनोवेट करने के लिए आमंत्रित करते हैं. इसके लिए आज से बेहतर कोई दूसरा समय नहीं हो सकता.'
पीएम मोदी ने आगे कहा, 'हम लगातार अनुपालन के बोझ को कम कर रहे हैं और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ा रहे हैं. हाल ही में हमने कराधान, श्रम कोड और शासन में अगली पीढ़ी के सुधारों को लागू किया है."
उन्होंने कहा कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग काफी किफायती हो गई है, जबकि सेवा क्षेत्र भारतीय कुशल प्रतिभाओं के दम पर वैश्विक दक्षता और नवाचार को रफ्तार दे रहा है.
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML के बीच बड़ा समझौता
पीएम मोदी और रोब जेटन की मौजूदगी में 'टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स' और 'एस्मॉल' (ASML) के बीच एक अहम समझौते पर हस्ताक्षर भी किए गए. ये समझौता गुजरात के धोलेरा में भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट (चिप बनाने वाले कारखाने) को सहायता देगा.
दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (India-EU FTA) को जल्द से जल्द लागू करने का भी समर्थन किया. इसके साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, टेक्नोलॉजी और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस करते हुए भारत-नीदरलैंड संबंधों को आगे बढ़ाने की योजना की घोषणा की.
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पीएम मोदी ने आखिर में कहा, 'आज का भारत पैमाने और स्थिरता का प्रतीक है. बुनियादी ढांचे, स्वच्छ ऊर्जा और कनेक्टिविटी में भारत की रफ्तार का मुकाबला कोई दूसरा देश नहीं कर सकता.'
नीदरलैंड्स के बाद स्वीडन जाएंगे पीएम मोदी
नीदरलैंड्स के बाद PM मोदी स्वीडन जाएंगे. 'उनके इस दौरे पर, स्वीडन में भारत के एम्बेसडर अनुराग भूषण ने कहा, 'प्रधानमंत्री स्वीडन में बहुत पॉपुलर हैं, पूरे स्वीडन में बहुत जोश है. लेकिन खासकर गोथेनबर्ग में, मुझे बहुत एनर्जी मिलती है क्योंकि ये प्रधानमंत्री का गोथेनबर्ग का पहला दौरा है. गोथेनबर्ग स्वीडिश इंडस्ट्री का दिल और एक इनोवेशन-बेस्ड इकोसिस्टम भी है. यहां बहुत सारी यूनिवर्सिटी, इंस्टीट्यूशन, साइंस और टेक्नोलॉजी की जगहें हैं और सबसे जरूरी बात, ये इंडियन डायस्पोरा का भी एक सेंटर है.'