संसद भवन में शनिवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो भारतीय लोकतंत्र की जीवंतता को दर्शाता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में एक-दूसरे का नमस्ते करके अभिवादन किया और फिर कुछ बातचीत करते नजर आए. दोनों नेता समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर संसद भवन के प्रेरणा स्थल पर स्थित उनकी प्रतिमा के पास उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे.
न्यूज एजेंसी पीटीआई ने अपने X हैंडल पर इस मौके का वीडियो शेयर किया है, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत अन्य नेताओं के साथ खड़े नजर आए, तभी प्रधानमंत्री मोदी वहां पहुंचे. जैसे ही पीएम अपनी गाड़ी से उतरे, वहां मौजूद सभी लोगों ने उनका स्वागत किया, जिनमें राहुल गांधी भी शामिल थे.
सभी का अभिवादन करने के बाद प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की ओर रुख किया और उनके पास जाकर बातचीत शुरू की, जो कुछ देर तक चली. इस दौरान अन्य नेता भी इस बातचीत में शामिल हो गए. यह नजारा आमतौर पर सार्वजनिक मंचों पर दिखने वाले प्रधानमंत्री मोदी और राहुल गांधी के रिश्तों से अलग था, जहां अक्सर दोनों के बीच तीखे राजनीतिक बयान और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया गया.
VIDEO | Delhi: PM Narendra Modi (@narendramodi) and Lok Sabha LoP Rahul Gandhi (@RahulGandhi) were seen interacting during an event on the Parliament premises earlier today.
(Source: Third Party) pic.twitter.com/9eq7LVAwI1— Press Trust of India (@PTI_News) April 11, 2026
ज्योतिबा फुले 19वीं सदी के समाज सुधारक थे, जिनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र में हुआ था और उनका निधन 28 नवंबर 1890 को हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, 'महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर मैं इस दूरदर्शी समाज सुधारक को नमन करता हूं, जिन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के मूल्यों को समर्पित किया.'
उन्होंने आगे कहा, 'महिलाओं और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष की शुरुआत उन्होंने ही की थी. उनके प्रयासों से शिक्षा सशक्तिकरण का एक मजबूत माध्यम बनी. इस वर्ष हम उनके जन्म के द्विशताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं. उनके विचार हमें सामाजिक प्रगति के मार्ग पर हमेशा मार्गदर्शन देते रहेंगे.'
राहुल गांधी ने भी कहा कि ज्योतिबा फुले ने वंचितों के अधिकारों और हक की रक्षा के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया. उन्होंने X पर लिखा, 'भेदभाव और असमानता के खिलाफ ज्योतिबा फुले का संघर्ष देश को समानता और न्याय का रास्ता दिखाता है.'