Womens Reservation Bill Parliament Session Live Updates: राज्यसभा के उपसभापति के तौर पर हरिवंश नारायण सिंह का तीसरी बार चुनाव हो गया है. पीएम मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी उन्हें बधाई दी. वहीं, लोकसभा में महिला आरक्षण बिल से जुड़े संविधान संशोधन बिल पर चर्चा हुई. इस बिल पर चर्चा का जवाब गृह मंत्री अमित शाह ने दिया.
गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर परिसीमन लटकाए रखने का आरोप लगाया और कहा कि 50 साल से जनता को आबादी के अनुपात में अपना प्रतिनिधि नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि ये महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रहे हैं. चुनाव में इनको माताओं-बहनों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा, रास्ता नहीं मिलेगा.
इस बिल पर चर्चा के दौरान शुक्रवार को भी पक्ष और विपक्ष में जमकर तकरार हुई. जोरदार हंगामा हुआ. महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर सरकार सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पार्टियों के अपने तर्क थे. वहीं, विपक्ष ने सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया. अखिलेश यादव ने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी यह लिखकर दे दे कि अगला प्रधानमंत्री महिला को बनाएंगे, तब भी हम भरोसा नहीं करेंगे.
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महिला आरक्षण से जुड़े तीन बिल मतदान के दौरान गिर गए. इस बिल के लोकसभा में गिर जाने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ प्रोटेस्ट किया. संसद के मकर द्वार से यह प्रोटेस्ट शुरू हुआ. अब बीजेपी और एनडीए में शामिल दलों के कार्यकर्ता कल यानी 18 अप्रैल से इंडिया ब्लॉक से जुड़ी पार्टियों के नेताओं के घर के बाहर प्रोटेस्ट करेंगे.
महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर 528 वोट पड़े. यह संविधान संशोधन बिल थे, जिन्हें पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत जरूरी होता है. ऐसे में बिल पारित कराने के लिए 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन बिल के पक्ष में 298 वोट ही पड़े. इस बिल के विरोध में 230 वोट पड़े.
ओम बिरला ने कहा कि इस बिल पर विचार करने पर मत विभाजन में हां के पक्ष में 298 और ना के पक्ष में 230 वोट पड़े. यह बिल दो तिहाई बहुमत से पारित नहीं हुआ. इस बिल पर आगे की कार्यवाही पर निर्णय संभव नहीं है. यह बिल विचार करने के लिए पेश किए जाने के स्तर पर ही गिर गया. इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अन्य दो बिल आगे नहीं बढ़ाने का ऐलान किया.
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किए जाने पर वोटिंग शुरू हो गई है. यह बिल विचार करने के लिए कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया, जिस पर मतदान चल रहा है.
कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल पारित करने के लिए पेश कर दिया है. स्पीकर ओम बिरला ने कहा संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग होगी. उन्होंने लॉबी खाली कराने के लिए कहा.
अमित शाह ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि अच्छा-बुरा सोचे बगैर इन्होंने नरेंद्र मोदी जी जो कर रहे हैं, उसका विरोध करने की ठान लिए हैं. मैंने तो सोचा था कि आज महिलाओं को आरक्षण के लिए बिल आ रहा है, इसका विरोध नहीं करेंगे. लेकिन इन्होंने इसका भी विरोध किया. ये जो बिल अर्जुन राम मेघवाल जी लेकर आए हैं, इसमें लोकसभा सदस्यों की संख्या 850 तक करने की बात है. अनुच्छेद 81(3) में नवीन जनसंख्या के अनुसार परिभाषित करने के प्रावधान को समाप्त करते हैं. उन्होंने संशोधन भी गिनाए, और कहा कि सारे बदलावों का मूल उद्देश्य है कि माताओं-बहनों को 33 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. 2023 में सर्वसम्मति से यह बिल पारित हुआ, लेकिन आज कांग्रेस पार्टी पीछे हो रही है. यह बिल मोदीजी ला रहे हैं, बिल पारित होता है तो माताओं के बीच मोदीजी का यश बढ़ेगा. मोदी जी ने बड़ा एडवर्टाइज देकर यश देने का भी कह दिया. इस सदन ने 2023 में जो 33 फीसदी आरक्षण का सदन ने फैसला किया था, उससे ये पीछे हट रहे हैं. हमारे नेता ने तो कहा कि भाई अंतरात्मा की आवाज से वोट करिए. ये नारा मोदी जी का नारा, इंदिरा जी का है. यहां आत्मा ही नदारद है, अंतरात्मा कहां से लाएं.
अमित शाह ने कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार के समय जब बिल आया, तब सरकार में शामिल पार्टियों ने बिल को लोकसभा में पेश नहीं होने दिया. सरकार के इशारे पर ऐसा हुआ. मोदी जी जानबूझकर 2023 में यह बिल लेकर आए, कि 2024 में चुनाव है. कांग्रेस विरोध नहीं कर पाएगी. हम तो मानते थे कि हो गया अब. लेकिन इस बदलाव का कांग्रेस पार्टी विरोध कर रही है. ये पांचवीं बार इस बिल का विरोध कर रहे हैं. जब ये चुनाव में जाएंगे, इनको माताओं-बहनों के आक्रोश का सामना करना पड़ेगा और रास्ता नहीं मिलेगा. हमने वीमेन लेड डेवलपमेंट का अनुसरण किया है. अमित शाह ने सुषमा स्वराज से लेकर उमा भारती, वसुंधरा राजे, आनंदीबेन पटेल तक के नाम गिनाए और कहा कि ये सभी महिलाएं इन राज्यों में पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं. इसका मतलब है कि कांग्रेस ने इन राज्यों को कभी महिला मुख्यमंत्री नहीं दिया. हमने आदिवासी महिला को द्रौपदी मुर्मू से महामहिम द्रौपदी मुर्मू बनाए. रेखा गुप्ता दिल्ली की तीसरी महिला मुख्यमंत्री हैं.
अमित शाह ने कहा कि संविधान में धर्म के आधार पर आरक्षण का प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहा कि ओबीसी का सबसे बड़ा विरोधी कांग्रेस पार्टी है. काका कालेलकर की रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया. राजीव गांधी ने अपने जीवन का सबसे लंबा भाषण मंडल कमीशन की रिपोर्ट का विरोध करने के लिए किया. चौधरी चरण सिंह और सीताराम केसरी, दोनों को कांग्रेस अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया गया. बीजेपी ने ओबीसी प्रधानमंत्री दिया नरेंद्र मोदी. मोदी सरकार में 27 मंत्री ओबीसी समुदाय से हैं, जो 40 प्रतिशत होता है. मोदी सरकार ने ओबीसी कमीशन को संवैधानिक दर्जा दिया. ओबीसी सूची में संशोधन का अधिकार राज्यों को देकर सशक्त किया. कांग्रेस ने पहले भी जाति जनगणना का विरोध किया. अब 20-25 चुनाव हार गए हैं, तब इनको जाति जनगणना याद आई है. जाति जगनणना की रिपोर्ट भी जनगणना के साथ ही आएगा. रिपोर्ट आने के बाद सदन विचार करेगा और जो मन बनेगा, बीजेपी की सरकार उसके साथ आगे बढ़ेगी. उनके लिए चुनाव जीतना सर्वोपरि है, हमारे लिए राष्ट्र और राष्ट्र की जनता सर्वोपरि है. कांग्रेस के मित्रों को कहता हूं कि सिर्फ भाषण में नारे लगाने से देश का पिछड़ा वर्ग आपको हितैषी नहीं मानेगा. 1947 से 2014 तक आप ओबीसी का विरोध करते रहे. जब बीजेपी ने ओबीसी प्रधानमंत्री बना दिया, जान गए कि ओबीसी के बिना सत्ता नहीं मिलेगी, तब ये दिखावटी प्रेम उपजा है. आज देश की महिला भी जान जाएगी कि उसका विरोधी कौन है.
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक नैरेटिव ये फैलाया गया उत्तर-दक्षिण का. इस सदन पर दक्षिण के राज्यों का भी उतना ही अधिकार है, जितना उत्तर के राज्यों का. लक्षद्वीप का भी उतना ही अधिकार है, जितना उत्तर प्रदेश और गुजरात का. इस सदन में जो भी शपथ लेता है, वह देश को अक्षुण्ण रखने, कल्याण की शपथ लेता है. ये सोचते हैं कि भ्रांतियां फैलाकर यहां बैठ जाएंगे, तो बाल सफेद हो जाएंगे यहां नहीं बैठ पाओगे. अमित शाह ने कहा कि 50 परसेंट सीटें बढ़ाने का संशोधन लिखित में लेकर आ जाएंगे, ये पारित कराएंगे क्या. एक घंटे सदन स्थगित कर दीजिए, ऑफिशियल अमेंडमेंट लेकर आ जाऊंगा लिखित में. वेणुगोपाल ने दो शर्तें रखीं. इस पर अमित शाह ने कहा कि यह कांग्रेस की चाल है 2029 चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू नहीं होने देने का. अमित शाह ने कहा कि मैं समझ रहा हूं कि ये समर्थन नहीं करेंगे, तो यह बिल गिर जाएगा. मगर देश की महिलाएं देख रही हैं कि उनकी राह का रोड़ा कौन है. यहां तो शोर-शराबा करके बच जाओगे, जब चुनाव मैदान में जाओगे, तब पता चलेगा. उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण के सवाल पर कहा कि बीजेपी धर्म के आधार पर आरक्षण में विश्वास नहीं रखती है. आरक्षण जन्म से मिलता है, किसी प्रकार से प्राप्त नहीं किया जा सकता. आरक्षण उन लोगों के लिए है, जो सामाजिक या आर्थिक रूप दिया जाता है. या फिर एससी-एसटी को जन्म के आधार पर मिलता है. ये तुष्टिकरण की राजनीति के कारण इंडी अलायंस वालों ने ऐसा किया है.
अमित शाह ने कहा कि 1976 से 2026 तक देश की जनता को आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिला. अगर हम 2029 का चुनाव नारी शक्ति वंदन अधिनियम के साथ कराना चाहते हैं, तो अभी ही ये लाना पड़ेगा. 1976 में देश की आबादी थी 54.89 करोड़. तब जितने सांसद थे, उतने ही आज 140 करोड़ की आबादी में भी इनको रखना है. तर्क दिए गए कि सबको बोलने का मौका नहीं मिलेगा. सरकार का दायित्व है कि सदस्यों की संख्या बढ़ेगी, तो संसद के दिनों की संख्या भी बढ़ाएगी. आप भी दयालु हो, रात के 12 बजे तक जीरो ऑवर का मौका देते हो. एक तीसरा भी तरीका है. राहुल जी के कारण भी जो समय जाया होता है, वह भी जाया नहीं होगा तो समय अपने आप बढ़ जाएगा. अमित शाह ने कहा कि हम सीटें नहीं कम कर रहे, हम 50 प्रतिशत सीटें हर राज्य की बढ़ा रहे हैं. इससे किसी का प्रो रेटा कम नहीं होगा. उन्होंने जनगणना में देरी के सवाल पर कहा कि कोविड का संकट आया. इसकी वजह से देरी हुई. सरकार ने 2025 में यह निर्णय लिया कि हम जाति जनगणना कराएंगे. अब जब व्यक्तियों की गणना होगी, तब जाति का कॉलम आने वाला है. जाति जनगणना सुनिश्चित है. जब बिल्डिंग की गणना होती है, तब धर्म भी नहीं पूछा जाता. हम जाति भी पूछेंगे जब व्यक्ति की गणना होगी. यह प्रस्ताव कैबिनेट से पारित हो चुका है. इसमें कोई कनफ्यूजन नहीं रखना है. ये जाति जनगणना की बात नहीं कर रहे हैं, ये हमें उलझाना चाहते हैं. उनको यहां बैठने से लेनदेन है, जो नहीं होने वाला है अभी.
अमित शाह ने कहा कि ये सवाल उठाते हैं कि जब बिल लेकर आए थे, तब 26 के बाद की जनगणना क्यों किया था, तभी 2011 की जनगणना क्यों नहीं कर दी थी. ये हमने नहीं किया था. इंदिरा जी की सरकार थी, तभी वह सीटें फ्रीज करके गई थीं जिसके कारण हमें ये करना पड़ा. उन्होंने मलकाजगिरि सीट से लेकर गाजियाबाद तक के जनसंख्या के आंकड़े गिनाए. इस पर अखिलेश यादव ने प्रश्न किया कि कब के आंकड़े बता रहे हैं, ताजा बताएं तो हो सकता है कि दोगुना हो. अमित शाह ने कहा कि इनको ये भी नहीं पता है कि अपने पक्ष में दे रहे हैं या विपक्ष में. 127 सीटें ऐसी हैं, जहां आबादी 20 लाख से ज्यादा है. विश्वास दिलाता हूं कि डीलिमिटेशन के लिए हमें सहयोग कर दें, हमें भरोसा करें, डीलिमिटेशन करने दें तो वोट का मूल्य समान हो जाएगा. इंदिरा सरकार ने परिसीमन लाकर 525 से बढ़ाकर सीटें 543 कर इसे फ्रीज कर दिया. इंदिरा जी ने इमरजेंसी के समय में कानून लाकर सीटें फ्रीज कर दीं, परिसीमन पर रोक लगा दी. कांग्रेस पार्टी ने देश को परिसीमन से वंचित रखा था, आज भी कांग्रेस ही परिसीमन पर रोक चाहती है. आज ये विपक्ष में बैठकर भी परिसीमन पर रोक लगाना चाहते हैं. 2001 में फिर से परिसीमन 2026 तक रोक लगा दिया. विपक्ष की ओर से 2001 में वाजपेयी सरकार होने का जिक्र किया, इस पर अमित शाह ने कहा कि वाजपेयी जी कांग्रेस पार्टी को अच्छे से जानते थे. आज ये बिल को गिराना चाहते हैं, इसका अंदाजा उनको पहले ही था. उन्होंने आगे बढ़ा दिया.
गृह मंत्री अमित शाह अब महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब दे रहे हैं. अमित शाह ने कहा कि बोलने के समय सबने कहा कि हम पक्ष में हैं. इंडी अलायंस के सदस्यों ने अगर-मगर, किंतु-परंतु करके महिला आरक्षण का विरोध किया है. मुझे लगा कि इम्प्लीमेंटेशन के तरीके का विरोध हो है, लेकिन नहीं. केवल और केवल महिला आरक्षण का विरोध है. ये तरीकों का नहीं, बिल का विरोध है. बिल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है. किसी किसी संसदीय क्षेत्र में 39 लाख वोटर हैं. संविधान में इसका अधिकार सरकार के पास है. जो सीटें बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं, वह ये ध्यान में रखें कि एससी-एसटी की सीटें बढ़ाने का भी विरोध कर रहे हैं. संविधान में परिसीमन का प्रावधान है.
शताब्दी रॉय ने चोली के पीछे क्या है, चुनरी के नीचे क्या है गाने का उल्लेख किया और कहा कि महिला आरक्षण बिल तो 2023 में ही हम सभी लोग समर्थन करके पारित कर चुके हैं. इस बिल के पीछे डीलिमिटेशन है. नारी शक्ति का उतना ही सम्मान है, तो इसी में आरक्षण दे दो ना. आप वोट के लिए ये सब कर रहे हो, सम्मान नहीं करते. आपके आधे एमपी तो रेप केस में हैं, आधे डॉवरी केस में हैं. आपकी एक भी बात सच नहीं है. ममता बनर्जी अपने बलबूते पर सीएम बनीं. किसी रिजर्वेशन की जरूरत नहीं पड़ी और हम लोग यहां पर है. आपने अभी सेशन कराया है, क्योंकि हम लोग डिस्टर्ब होंगे. फिर भी हम चुनाव छोड़कर यहां आए हैं. बीजेपी बंगाल चुनाव हारेगी, हारेगी, हारेगी.
महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश की आंवला सीट से सपा के सांसद नीरज मौर्य ने बिल का विरोध किया. सपा सांसद ने कहा कि हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, हम डीलिमिटेशन के खिलाफ हैं. इस पर पीठासीन जगदंबिका पाल ने उनको टोकते हुए कहा कि सांसद बढ़ने से दिक्कत है. इसके जवाब में उन्होंने कहा कि बिल्कुल दिक्कत है. हमको एक भोजपुरी गाना याद आ गया- छने छने बदले तोहरो मिजाज रजऊ. सपा सांसद ने कहा कि संसद और विधानसभा को मेला न बनाया जाए.
ओडिशा के बालासोर से बीजेपी के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान संस्कृत में अपनी बात रखी. पीठासीन जगदंबिका पाल ने आसन से सारंगी का नाम लिया. सारंगी के तुरंत बाद उन्होंने गोरखपुर से बीजेपी के ही सांसद रवि किशन का नाम ले लिया. रवि किशन ने बोलना शुरू किया ही था, कि सारंगी भी अपनी जगह खड़े हो गए. पीठासीन ने रवि किशन से बैठ जाने के लिए कहा और प्रताप चंद्र सारंगी ने संस्कृत में अपनी बात रखी. पीठासीन ने आसन से कई बार सारंगी को जल्द समाप्त करने के लिए कहा. इसके बाद उन्होंने अगले वक्ता के रूप में प्रियंका जारकीहोली का नाम ले लिया.
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने पहुंचे हैं. इस बिल पर हुई चर्चा का गृह मंत्री अमित शाह शाम छह बजे जवाब देंगे. अमित शाह के जवाब के बाद बिल पर वोटिंग होगी. विपक्ष ने इस बिल के विरोध का खुला ऐलान कर रखा है. ऐसे में बिल पर चर्चा के जवाब और मतदान से पहले पीएम मोदी से रिजिजू की मुलाकात अहम मानी जा रही है.
प्रिया सरोज ने कहा कि हम महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं. हम इसकी अप्रोच के खिलाफ हैं. बिना डीलिमिटेशन के लागू करिये और तुरंत आरक्षण दीजिए. इस दौरान उन्होंने पीठासीन से भोजपुरी में कहा- बोलत हईं, दू मिनट रुका. बाद में पीठासीन ने भी भोजपुरी में ही कहा- कुल्ह बात आ गइल. तब चेयर पर जगदंबिका पाल थे. इससे पहले, प्रिया सरोज ने कहा कि पुराने आंकड़ों से नया इतिहास नहीं लिखा जाता. 2011 की जनगणना के आधार पर नया परिसीमन की बात है और परिसीमन का अधिकार भी सरकार को दे दिया गया है. पहले हर जनगणना के बाद परिसीमन अनिवार्य होता था. अब सरकार जब चाहे, परिसीमन करा सकते हैं.
अखिलेश यादव ने कहा कि विवाद की नहीं, संवाद की बात हो रही है. निशिकांत दुबे ने श्लोक पढ़ा, इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि कन्नौज में एक मंदिर में गया था, मेरे लौटने के बाद वह गंगाजल से धुलवाया गया. इस पर आप क्या कहेंगे. निशिकांत दुबे ने कहा कि जिसने भी धुलवाया, वह गलत है. धुलवाने वाला अपराधी है. उसको कानून के हिसाब से सजा मिलनी चाहिए. मुझसे कान पकड़कर माफी मंगवाओगे, मैं माफी मांगने को तैयार हूं. मैंने तो नहीं धुलवाया.
राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी के दिमाग में असमंजस है. वह सोचते हैं कि वे भारत के लोग हैं, भारत की सेना हैं. आप भारत के लोग नहीं हैं, आप भारत की सेना नहीं हैं. हम आपको अटैक करते हैं, सेना या लोगों को नहीं करते. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ एक डील साइन हुई. स्पीकर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि जब मैं सीट पर हूं, तब विधेयक पर ही चर्चा होगी. राहुल गांधी ने कहा कि हम इस बिल को पारित नहीं होने देंगे.
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी ताकत घटने से डर रही है. इनके लिए संविधान से ऊपर मनुवाद है. सरकार को सच्चाई अच्छी नहीं लगती. बीजेपी जानती है कि यह बिल वह वास्तव में पारित नहीं करा सकती. यह घबराहट में आया रिएक्शन है. इस बिल के जरिये देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है और प्रधानमत्री जी यह संदेश देना चाहते हैं कि वह प्रो-वीमेन हैं. मैजिशियन ऑफ बालाकोट, मैजिशियन ऑफ बालासोर, मैजिशियन ऑफ ऑपरेशन सिंदूर... राहुल गांधी की इस बात पर संसद में जोरदार हंगामा हुआ. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ आबादी ने प्रधानमंत्री बनाया है. विपक्ष के नेता को इस तरह की भाषा शोभा नहीं देती. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी की ओर से पीएम के लिए कहे गए शब्दों की निंदा की और कहा कि मैजिशियन कह-कहकर के ये किसी व्यक्ति का अपमान नहीं कर रहे. यह देश की जनता का अपमान कर रहे हैं. राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी से देश की जनता से माफी मांगने की मांग की.
राहुल गांधी की स्पीच के दौरान लोकसभा में जोरदार हंगामा हुआ. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बयान पर आपत्ति की और कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ओबीसी आरक्षण का विरोध किया था. राहुल गांधी ने अपनी बात पर यील्ड करने से इनकार कर दिया और कहा कि आदिवासियों को हिंदू कहते हो, और उनको जगह नहीं देते. राहुल गांधी ने जादू की कहानी सुनाते हुए कहा कि एक गलती की उसने और उसके बाद वह जादू कर ही नहीं पाया. मेरी दादी ने गार्डेन में एक बात और समझाई थी मुझे. उन्होंने कहा था कि असली ताकत होती है, वह झुककर काम करती है. अपने आपको दिखाती कभी नहीं है. हर कोई जानता है जादूगर और बिजनेसमैन.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा है कि पहला सच तो ये है कि ये महिला आरक्षण बिल नहीं है. महिला आरक्षण बिल तो 2023 में पारित हो चुका. उन्होंने कहा कि ये बिल देश का चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है. यह बिल एससी-एसटी और ओबीसी के खिलाफ है, उनके अधिकार छीनने का एजेंडा है. सरकार डरी हुई है. ये काम असम और जम्मू कश्मीर में कर चुके हैं, अब सरकार यही पूरे देश में करना चाहती है. इस बिल का महिला सशक्तिकरण से कोई मतलब नहीं है. आप सत्ता हथियाने की कोशिश में हैं. ये बिल राष्ट्रविरोधी है. हम सरकार को ये नहीं करने देंगे. दक्षिण और उत्तर भारत के साथ भेदभाव हो रहा है. दलित और आदिवासी की भागीदारी कम हो रही है.
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर चर्चा हो रही है. इस बिल पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी बोल रहे हैं. राहुल गांधी जब बोलने के लिए खड़े हुए, स्पीकर ने उनसे पूछा कि हाथ में क्या हुआ. स्पीकर के सवाल पर विपक्ष के नेता ने कहा कि चोट लग गई है सर. अंगूठे में चोट लग गई है. इसके बाद राहुल गांधी ने अपनी बात शुरू की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय परिदृश्य में महिलाएं सेंट्रल फोर्स होती हैं. हम सभी के जीवन में मां-बहन के रूप में महिलाएं हैं. उन्होंने अपनी बहन प्रियंका गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि कल जब वह स्पीच दे रही थी, पांच मिनट में वह किया जो मैं 20 साल में नहीं कर पाया. अमित शाह के चेहरे पर स्माइल आ गई.
महिला आरक्षण बिल पर वोटिंग से पहले स्पीकर ओम बिरला एक्टिव हो गए हैं. स्पीकर के चैंबर में बैठक चल रही है. इस मीटिंग में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल मौजूद हैं.
मथुरा से बीजेपी की सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि सरकार ने योजना बनाने और लागू करने के साथ ही साकार भी कर रही है. आज पृथ्वी से अंतरिक्ष तक महिलाएं पहुंची हैं. एक जमाना था, जब फिल्म बनाना शुरू किया था. उस समय लड़कियां फिल्मों में नहीं आती थीं. तब पुरुष ही लड़कियों का रोल किया करते थे. अब वह जमाना चला गया.
संसद में 'नारीशक्ति वंदन अधिनियम' पर ऐतिहासिक चर्चा के बाद अब वोटिंग की बारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के हर सांसद से भावुक अपील की है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज देश की करोड़ों महिलाओं की नजर सांसदों की नीयत और उनके फैसले पर है, इसलिए संवेदनशीलता दिखाते हुए इस बदलाव का साथ दें.
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कांग्रेस के अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया है कि संख्याबल विपक्ष के पास है. उन्होंने कहा कि हम इस बिल को पास नहीं होने देंगे.
अपना दल (सोनेलाल) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जो आप नहीं कर पाए, वह काम हमारी सरकार ने करके दिखाया है. उन्होंने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा समेत सरकार की ओर से किए गए कार्य गिनाए और कहा कि जब चुनाव हों, तब ओबीसी महिलाओं को टिकट देने में कंजूसी मत कीजिएगा. हमारी तरफ से ओबीसी महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है, आपकी ओर से भी बढ़नी चाहिए. अनुप्रिया पटेल ने मिलकर पास कराने का आह्वान किया और कहा कि मिलकर पास कराते हैं. यह पुण्य का काम है.
कल्याण बनर्जी ने कहा- आप लोग तो बस जय श्रीराम कहते हैं लेकिन हम तो दुर्गा, काली की पूजा करते हैं. हम बोलते हैं जय सिया राम लेकिन आप तो सिर्फ राम को याद करते हैं. बिना सीता के कैसे आप रामजी को याद कर लेते हैं. महिलाओं की पूजा-इज्जत सब हम करते हैं. उन्होंने स्पीकर ओम बिरला के लिए कहा- मै ओम बिरला की इज्जत करता हूं. वे बहुत अच्छे इंसान हैं. मै तो चाहता हूं कि स्पीकर की कुर्सी पर भी आरक्षण दे दीजिए. हम राजी हैं वो नहीं होंगे.
कल्याण बनर्जी बोले- आपको आरक्षण चाहिए तो अभी लाइए. आप 50% आरक्षण ले आइए इसके लिए परिसीमन का जरूरत नहीं है. आप इसके लिए क्यों नौटंकी कर रहे हैं. ऐसा किसी नौटंकी की जरूरत नहीं है. हम सब राजी हैं. मगर आपके अंदर हिम्मत नहीं है. दरअसल आप अपनी पार्टी में नहीं करना चाहते. आप सिर्फ बरगला रहे हैं.
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी सदन में बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि. भाजपा में कुल 242 सांसद है महिला सिर्फ 41 हैं. राज्यसभा में 106 और महिला सिर्फ 18 सांसद है. आप तो पार्टी में ही उनका सम्मान नहीं कर रहे हैं. आप शक्ति की बात करते हैं तो पहले उनकी पूजा तो करिए. अगर आपको महिला सशक्तिकरण की चिंता है तो 2027 में यूपी चुनाव में 50% महिला उम्मीदवार उतार दीजिए.
ललन सिंह ने कांग्रेस को घेरा और कहा कि आप कोई भी बदलाव नहीं लागू होने देना चाहते. आपकी मंशा पूरे देश को पता है. कांग्रेस की टॉप लीडरशिप यह बोलती है कि हम इसको कभी नहीं लागू होने देंगे. मुझे आश्चर्य हुआ, यह उनकी सोची समझी साजिश है. सामाजिक क्रांति लाने वाला का ये कभी समर्थन नहीं करते हैं.
ललन सिंह बोले- पीएम ने 2023 में जब उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाए तो उन्होंने मंशा स्पष्ट की कि संसद में महिलाओं की 33% भागीदारी सुनिश्चित की. 2029 में जो लोकसभा का चुनाव हो उसमें 33% महिलाएं सदन की सदस्य बने. आप कल्पना कीजिए वो दृश्य कैसा होगा.
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा- 50% महिलाओं की आबादी है. इनके प्रति अगर न्याय नहीं करेंगे तो सही नहीं होगा. इसे ध्यान में रखकर यह बिल लाया गया है। हम पंचायतों में सालों से शासन चला रहे हैं लेकिन राज्य में भागीदारी कितनी होगी. इसलिए ये आया है. आज जरूरत इस बात की है कानून बनाने में उनकी सहभागिकता जरूरी है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने परिसीमन बिल पर सरकार को घेरा. उन्होंने कहा- परिसीमन में तीन मेजर पाइंट्स हैं. पहला-छोटे-बड़े राज्यों में आपको बैलेंस बनाना है. दूसरा- ऐसे राज्य जिन्होंने आबादी रोकने में भारतीय नीति का पालन किया जबकि उत्तर के कुछ राज्य इसमें फेल रहे. ये बिल से ऐसा लग रहा है जो राज्य जनसंख्या वृद्धि रोकने में असफल रहे उन्हें इनाम दिया जा रहा है. आप उत्तर को रिवार्ड कर रहे हैं.
DMK सांसद कनिमोझी ने कहा- एक विशेष सत्र के कुछ ही दिनों के भीतर बिल पास करने की मांग करना साजिशन है. हमारे संविधान के तहत राज्य अपने कानूनों के लिए केंद्र पर निर्भर नहीं है. यह सरकार राज्यों के अधिकारों को मान्यता नहीं देती है. यह बस यही सोचती है कि हम यहां दिल्ली में बैठे अपने आकाओं के आदेशों के अनुसार उनकी सेवा करने के लिए हैं.
पीएम मोदी ने कहा- राज्यसभा उपसभापति के रूप में लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना ये अपने आप में इस सदन का आपके प्रति जो गहरा विश्वास है और बीते हुए कालखंड में आपके अनुभव का जो सदन को लाभ मिला है सबको साथ लेकर चलने का आपका जो प्रयास रहा है उसको एक प्रकार से सदन ने आज एक मोहर लगा दी है.पीएम मोदी ने कहा कि ये अपने आप में ये एक अनुभव का सम्मान है. एक सहज कार्यशैली का सम्मान है. और एक सहज कार्यशैली की स्वीकृति भी है. हमने सबने हरिवंश जी के नेतृत्व में सदन की शक्ति को और अधिक प्रभावी होते हुए देखा है.
हरिवंश नारायण सिंह तीसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए हैं. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आप राज्यसभा के उपसभापति बनने के लिए पहले नामित सदस्य हैं. आप आप राज्यसभा के उपसभापति बनने के लिए पहले नामित सदस्य हैं. आप इस पद के पूरी तरह हकदार हैं.
गृहमंत्री अमित शाह आज सदन में परिसीमन बिल से जुड़े हर सवाल का जवाब देंगे. उन्होंने गुरुवार को कहा था, कि यह झूठ है कि सरकार जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती. जनगणना दो हिस्सों में होती है पहले मकानों को इंगित किया जाता है. फिर निवासियों से पूछा जाता है. 850 का आंकड़ा कहां से आया, ये भी समझाता हूं. मानों 100 सीटें हैं जिसमें 33% आरक्षण देना है तो उसमें 50 सीटें बढ़ाते है तो सीटें 150 होती हैं. 850 राउंड ऑफ फिगर है, कल ये भी डिटेल में बताऊंगा.
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि- वैसे मैं कई सवालों पर कल विस्तार से जवाब दूंगा, फिर भी कुछ बातें अभी क्लियर कर देनी चाहिए. गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि एक नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि 3 बिलों से साउथ के राज्यों की लोकसभा सीटें कम हो जाएंगी. उन्होंने कहा, 'लोकसभा की कुल 543 सीटों में दक्षिण राज्यों की 129 सीटें हैं. परिसीमन के बाद यह बढ़कर 195 हो जाएंगी. तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 होंगी.' उन्होंने साफ कहा कि दक्षिण के राज्यों की शक्ति बिल्कुल कम नहीं होगी, दक्षिण के राज्यों में इस बिल को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है.
प्रियंका गांधी कहा,'वे (पीएम) कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. मैं कहती हूं कि बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती है. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे.' फिर प्रियंका गांधी ने अपने स्पीच में दक्षिण भारत के राज्यों की परेशानियों और उनके प्रतिनिधित्व के सवालों की बात कही. उन्होंने कहा- 2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर मोदी उनका हक छीनना चाहते हैं, कांग्रेस यह होने नहीं देगी. इस बिल में और भी कमी है कि संसद में 50% विस्तार का प्रस्ताव है लेकिन इस परिवर्तन के नियम क्या होंगे उसके बारे में कोई डिटेल नहीं है.
पीएम मोदी प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को दोपहर बाद सदन में इस चर्चा में हिस्सा लिया. उन्होंने तकरीबन 40 मिनट के संबोधन में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और कहा कि, परिसीमन में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा. यह मोदी की गारंटी है और वादा है. विपक्ष इसका क्रेडिट ले सकता है. मैं क्रेडिट का ब्लैंक चेक दे रहा हूं.