संसद में इस समय 'नारीशक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन को लेकर जबरदस्त चर्चा चल रही है. आलम यह है कि चर्चा इतनी लंबी चली कि कल रात 1 बजे तक सदन की कार्यवाही जारी रही. अब से कुछ ही देर में लोकसभा में इस पर वोटिंग होने वाला है. वोटिंग से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के हर सांसद और सभी राजनीतिक दलों से बहुत ही भावुक अपील की है. उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि 'मैं सभी सदस्यों से प्रार्थना करूंगा कि कुछ भी ऐसा ना करें, जिनसे नारीशक्ति की भावनाएं आहत हों.' पीएम मोदी ने सांसदों को याद दिलाया कि आज देश की करोड़ों महिलाओं की नजर हम सभी की नीयत और हमारे निर्णय पर टिकी है.
पीएम मोदी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि इस बिल को लेकर जो भी भ्रम फैलाए गए थे, उनका तर्क के साथ जवाब दिया गया है और हर आशंका का समाधान कर दिया गया है. जिन सदस्यों के पास जानकारी की कमी थी, उन्हें पूरी जानकारी दी गई है ताकि विरोध का कोई विषय ही न रहे. पीएम मोदी के मुताबिक, महिला आरक्षण के इस मुद्दे पर देश में पिछले चार दशक से बहुत ज्यादा राजनीति हो चुकी है. अब समय आ गया है कि देश की आधी आबादी को उनका अधिकार जरूर मिले. आजादी के इतने साल बीतने के बाद भी निर्णय लेने वाली जगहों पर महिलाओं की संख्या इतनी कम रहना बिल्कुल ठीक नहीं है.
करोड़ों महिलाओं की नजर हम पर, संवेदनशीलता से लें फैसला
वोटिंग से ठीक पहले प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह करते हुए कहा कि कृपया करके पूरे सोच-विचार और संवेदनशीलता के साथ निर्णय लें और महिला आरक्षण के पक्ष में अपना वोट दें. उन्होंने साफ कहा कि सदन के भीतर किसी भी सदस्य को ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए जिससे नारीशक्ति के सम्मान को ठेस पहुंचे. यह सिर्फ एक कानूनी बदलाव नहीं है, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों से जुड़ा फैसला है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी अपील में इस बात पर जोर दिया कि अब देश की माताओं-बहनों को और इंतजार नहीं कराया जा सकता. उन्होंने सभी सांसदों से प्रार्थना की कि वे एकजुट होकर 'नारीशक्ति वंदन अधिनियम' में संशोधन का साथ दें. अब पूरी दुनिया और देश की करोड़ों महिलाएं देख रही हैं कि संसद के भीतर उनके प्रतिनिधि क्या फैसला लेते हैं। यह एक ऐसा पल है जहां राजनीति से ऊपर उठकर देश की नारीशक्ति को सशक्त बनाने की जरूरत है.