पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव राजनीति में महिलाओं को लेकर दिए गए विवादित बयान को लेकर विवादों में घिर गए थे. अब पप्पू यादव ने अपने बयान पर माफी मांग ली है. हालांकि उन्होंने अपने माफीनामे में भी 'शर्त' शामिल कर दी कि वो सिर्फ 'बेटियों और बहनों' के लिए माफी मांग रहे हैं, नेताओं से नहीं.
गुरुवार को पत्रकारों से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा, 'अगर मेरे बयान से राजनीति में शामिल महिलाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं उनसे माफी मांगता हूं. लेकिन यह माफी बहनों और बेटियों से है, न कि राजनेताओं से.'
पप्पू यादव ने बताया कि उनकी लड़ाई ऐसे 'गंदे राजनेताओं' के खिलाफ है जिनके खिलाफ यौन उत्पीड़न के सबूत मौजूद हैं. उन्होंने कहा, 'मैं राजनीति में शामिल महिलाओं पर गिद्धों की निगाह नहीं पड़ने दूंगा.'
''मैंने किसी की मां या बेटी का अपमान नहीं...'
पूर्णिया सांसद ने विवाद के दौरान एनडीए नेताओं के अपनी पत्नी और बेटी का जिक्र किए जाने पर दुख जताया. उन्होंने कहा, 'मैंने किसी की मां या बेटी का अपमान नहीं किया, फिर भी मेरी पत्नी और बेटी के बारे में उन लोगों ने टिप्पणी की जिन्हें मैं अपनी बेटियां मानता हूं और जिनके पिता साथी सांसद हैं.'
पप्पू यादव ने उनकी आलोचना कर रहे नेताओं को लेकर आगे पूछा कि अगर वो इतने संवेदनशील थे, तो उन्होंने NEET छात्र मौत मामले और दरभंगा और वैशाली जैसी घटनाओं में महिलाओं पर हुए अत्याचारों के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई?
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क्या है पूरा मामला?
बता दें कि पप्पू यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. इस वीडियो में उन्होंने कहा था, 90 फीसदी महिलाएं किसी नेता के कमरे में जाए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं. उनके इस बयान कड़ी निंदा हुई और NDA के नेताओं और बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इस टिप्पणी पर गहरा ऐतराज जताया था.