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'जब तक आर्टिकल 370 की समीक्षा नहीं...', भारत के द्विपक्षीय संबंध पर बोले पाकिस्तानी मंत्री बिलावल भुट्टो

बिलावल भुट्टो जरदारी 4 से 5 मई तक गोवा में आयोजित एससीओ बैठक में भाग लेने के लिए गुरुवार को भारत पहुंचे थे. 2011 में हिना रब्बानी खार के भारत के पूर्व विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद ये किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री की भारत की पहली यात्रा थी.

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पाकिस्तानी मंत्री बिलावल भुट्टो
पाकिस्तानी मंत्री बिलावल भुट्टो

SCO में हिस्सा लेने पहुंचे पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो को भारत ने कोई खास तवज्जो नहीं दी. साथ ही साफ बता दिया कि अगर उसने आतंक का साथ नहीं छोड़ा तो फिर उसके लिए अंजाम बुरा होगा. लेकिन पाकिस्तान ने खुद को हमेशा की तरह आतंकवाद का पीड़ित बताया. हालांकि राजौरी में हुए आतंकवादी हमले ने उसके झूठ को बेनकाब कर दिया. फिर भी पाकिस्तान की बेशर्मी ही थी कि वो इशारों इशारों में ही सही कश्मीर का मुद्दा उछालने से नहीं चूका.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपनी यात्रा के दौरान अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ कोई बातचीत क्यों नहीं की, इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, "जब तक भारत अनुच्छेद 370 को निरस्त करने पर की गई कार्रवाई की समीक्षा नहीं करता है, पाकिस्तान भारत के साथ द्विपक्षीय रूप से जुड़ने की स्थिति में नहीं है." 

शुक्रवार को इंडिया टुडे टीवी के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई से एक्सक्लूसिव बात करते हुए पाकिस्तानी मंत्री ने कहा, "जहां तक भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों या मेरे भारतीय समकक्ष के साथ किसी भी बातचीत की बात है तो हम अभी इसके लिए तैयार नहीं हैं."

दो दिवसीय दौरे पर बिलावल

बता दें कि बिलावल भुट्टो जरदारी 4 से 5 मई तक गोवा में आयोजित एससीओ बैठक में भाग लेने के लिए गुरुवार को भारत पहुंचे थे. 2011 में हिना रब्बानी खार के भारत के पूर्व विदेश मंत्री से मुलाकात के बाद ये किसी पाकिस्तानी विदेश मंत्री की भारत की पहली यात्रा थी. 

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पाकिस्तान आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित

इंडिया टुडे से बातचीत करते हुए पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि देश आतंकवाद को खत्म करना चाहता है, इसलिए नहीं कि भारत ने ऐसा कहा या भारत सरकार ने ऐसा कहा, बल्कि इसलिए कि हम इस खतरे को खत्म करना चाहते हैं. आतंकवाद से एससीओ के किसी भी अन्य देशों की तुलना में पाकिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित रहा है.

बिलावल भुट्टो ने कहा, "पाकिस्तान को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है. मैं खुद आतंकवाद का शिकार हूं, इसलिए पाकिस्तान और मैं इस खतरे से लड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं."

बता दें कि भुट्टो का बयान एससीओ बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर के भाषण के जवाब के तौर पर दिखता है. यहां भारतीय विदेश मंत्री साफ कहा कि बिलावल आतंकी इंडस्ट्री के प्रवक्ता हैं. पाकिस्तान की किसी भी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता. आतंक के पीड़ित और साजिशकर्ता एक साथ बैठकर बातचीत नहीं कर सकते.

भुट्टो ने समझौता एक्सप्रेस का उठाया मुद्दा

भारत के इस रुख पर बिलावल भुट्टो ने कहा, "जहां तक आरोपों का सवाल है, हम किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन भारत को भी ऐसा ही रुख अपनाना होगा, उन्हें भी हमारे मुद्दों पर चर्चा करनी होगी. भारत को यह स्पष्ट करना होगा कि क्या कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में पाकिस्तानी सरजमीं पर आतंकवादी हमले कर रहा था. क्या यह सीमा पार आतंकवाद के तहत नहीं आता है?"

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बता दें कि कुलभूषण जाधव एक सेवानिवृत्त भारतीय नौसेना अधिकारी हैं, जिन्हें अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप में पाकिस्तानी सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी.

बिलावल भुट्टो ने भारत पर निशाना साधने के लिए 2007 के समझौता एक्सप्रेस बम विस्फोट का भी उल्लेख किया, जिसमें लगभग 70 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर पाकिस्तानी थे. उन्होंने कहास, "हमें अभी तक कोई न्याय नहीं मिला है."

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