केंद्रीय बजट 2026-27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा रविवार को पेश किया गया. यह उनका लगातार नौवां बजट था. बजट को '2047 के सपनों का बजट' बताया जा रहा है. वहीं, विपक्षी दल इस बजट को जनता के सपनों से दूर बता रहे हैं. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस बजट को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है. अब राहुल की आलोचनाओं पर सीतारमण का जवाब आ गया है.
निर्मला सीतारमण ने राहुल के आलोचना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राजनीतिक आलोचना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन यदि आलोचना तथ्यों पर आधारित होगी तो वह उसे सुनने और उसका जवाब देने के लिए तैयार हैं.
निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि राहुल गांधी किस प्रकार के ‘कोर्स करेक्शन’ की बात कर रहे हैं, यह उनके लिए साफ नहीं है.
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा था कि यह बजट देश की असल समस्याओं को नजरअंदाज करता है. उन्होंने बढ़ती बेरोजगारी, गिरते मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर, निवेशकों के पूंजी बाहर ले जाने, घरेलू बचत में कमी, किसानों की समस्याओं और वैश्विक आर्थिक जोखिमों का मुद्दा उठाया. राहुल गांधी का आरोप था कि सरकार इन गंभीर समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है.
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि देश की इकोनॉमी और बुनियादी ढांचा मजबूत हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि वैश्विक अनिश्चितताओं का कई क्षेत्रों पर प्रभाव पड़ा है, लेकिन सरकार ने छोटे और मीडियम साइज इंटरप्राइजेज, टेक्सटाइल, लेदर इंडस्ट्री, ग्रामीण क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं, किसानों, महिला एंटरप्रेन्योर्स और स्वयं सहायता समूहों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इन प्रयासों का उद्देश्य आम जनता को बाहरी आर्थिक संकटों से सुरक्षित रखना और उनकी लाइफस्टाइल को स्थिर बनाए रखना है.
निर्मला सीतारमण ने बताया कि बजट को आम लोगों की भलाई और देश की आर्थिक स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इस बजट में युवाओं को केंद्रित करते हुए हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और नेशनल जलमार्गों जैसे बड़े प्रस्ताव शामिल किए गए हैं.