सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार ने Neet-UG 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं के आरोप में परीक्षा रद्द करने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण हैं और इन से छात्रों का मनोबल टूटता है. उन्होंने केंद्र सरकार से कोचिंग सेंटरों पर सख्त रेगुलेशन और परीक्षा सिस्टम में मजबूत सुरक्षा उपायों की मांग की है.
दरअसल, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने 3 मई को परीक्षा आयोजित की थी. इसके ठीक नौ दिनों बाद NEET-UG 2026 को रद्द करने का फैसला किया. एजेंसी ने कहा कि दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा अलग से की जाएगी. NEET-UG जो पूरे भारत में स्नातक चिकित्सा प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा है, इस वर्ष लगभग 22 लाख छात्रों ने दी थी. अब परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों के सामने नई परेशानियां खड़ी हो गई हैं.
आनंद कुमार ने आज तक टीवी के साथ फोन इंटरव्यू में कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर बार-बार होने वाले विवाद छात्रों को हतोत्साहित करते हैं. उन्होंने इसे "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा कि हर बार ऐसी घटना होने पर छात्र अपना मानसिक संतुलन और मनोबल खो देते हैं. हालांकि, उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि इस बार धांधली में शामिल आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ लिया गया है. उन्होंने छात्रों से मेंटली रूप से मजबूत रहने और इस गलती को एक नई शुरुआत के रूप में देखने की अपील की है.
'आगे न हों ऐसी घटनाएं'
आनंद कुमार ने सरकार से आगे आने वाले परीक्षाओं में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम करने की भी अपील की है. उन्होंने कहा, 'सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और ये सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटना दोबारा न हो.'
कोचिंग सेंटरों के रेगुलेशन (नियमन) के लिए कड़े सुरक्षा उपायों की मांग की है.
वहीं, राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) द्वारा जांच किए जा रहे कथित अनियमितताओं में कोचिंग सेंटरों की संलिप्तता की संभावना के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा, कोचिंग सेंटरों पर नकेल कसनी होगी. उनके लिए सख्त रेगुलेशन की जरूरत है.
उन्होंने जोर दिया कि ट्यूशन उद्योग के व्यवसायीकरण पर लगाम लगाना अब अनिवार्य हो गया है.
'चीन जैसा हो एक्शन'
उन्होंने चीन के गाओकाओ (Gaokao) परीक्षा सुधारों का उदाहरण दिया, जहां प्राइवेट कोचिंग पर सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं, परीक्षा केंद्रों पर एडवांस्ड एंटी-चीटिंग टेक्नोलॉजी लगाई गई है और पूरे परीक्षा प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखी जाती है.
चीन का सख्त 'डबल रिडक्शन' मॉडल
बता दें कि चीन ने साल 2021 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में निजी कोचिंग उद्योग पर भारी प्रतिबंध लगाए थे. इसके तहत मुख्य विषयों के लिए 'फॉर-प्रॉफिट' ट्यूशन पर रोक लगा दी गई और छुट्टियों के दौरान कोचिंग क्लास प्रतिबंधित कर दी गईं. इसके अलावा चीन में परीक्षा केंद्रों की एआई (AI) निगरानी, प्रश्न पत्रों की हाई सुरक्षा वाली हैंडलिंग और धोखाधड़ी रोकने के लिए उन्नत तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है. आनंद कुमार का मानना है कि भारत को भी ऐसी ही जवाबदेही तय करनी होगी.
मोशन एजुकेशन के संस्थापक नितिन विजय ने भी छात्रों और अभिभावकों से इस संकट की घड़ी में शांत रहने की अपील की है. उन्होंने इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में कहा कि किसी को भी घबराने या निराश होने की जरूरत नहीं है.
जांच में सामने आया है कि परीक्षा से पहले कुछ कोचिंग नेटवर्क द्वारा 'गेस पेपर्स' के सर्कुलेशन की बात सामने आई है. जांचकर्ताओं को शक है कि कुछ कोचिंग नेटवर्कों ने अवैध रूप से प्रश्न पत्र एक्सेस किए थे.
NTA ने केंद्रीय एजेंसियों के इनपुट और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया. एनटीए ने पहले दावा किया था कि परीक्षा जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग और सीसीटीवी (CCTV) की कड़ी सुरक्षा में हुई थी, लेकिन 7 मई को मिली शिकायतों ने सिस्टम की खामियों को उजागर कर दिया. अब सीबीआई इस संगठित नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश करेगी.