सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए 'CBI को पिंजरे का तोता नहीं होना चाहिए' वाले बयान पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, "हमारी संस्थाएं जैसे चुनाव आयोग और जांच एजेंसियां अपने कर्तव्यों का पालन करती हैं, ये संस्थाएं मजबूत हैं और अलग-अलग तरीकों से काम कर रही हैं. वे कानून के तहत काम करती हैं. अगर वे सिर्फ सनसनी पैदा करने के लिए या किसी राजनीतिक बहस या कथा का केंद्र बनने के लिए काम करती हैं, तो यह ठीक नहीं होगा."
धनखड़ का यह बयान जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आया है.
जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के एक जज द्वारा सीबीआई को पिंजरे में कैद तोता कहने के बाद अब उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने इशारों-इशारों में संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी अंगों को मिलकर काम करने की जरूरत है और संस्थाएं कठिन परिस्थितियों में काम करती हैं और कुछ टिप्पणियां उन्हें हतोत्साहित कर सकती हैं.
धनखड़ ने आगे कहा कि अगर कुछ गलत टिप्पणी की जाती है तो वो राजनीतिक बहस को जन्म दे सकती हैं और एक कहानी को जन्म दे सकती हैं. एक वकील के रूप में लंबे और शानदार करियर वाले उपराष्ट्रपति ने मुंबई के एक स्कूल और जूनियर कॉलेज में संविधान मंदिर के उद्घाटन समारोह में यह टिप्पणी की.