मुंबई के मीरा रोड (ठाणे जिला) में सोमवार तड़के दो सिक्योरिटी गार्ड्स पर चाकू से हमला करने वाले आरोपी जैब जुबैर अंसारी के बारे में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी अमेरिका से 2019 में भारत लौटा था और वह लगातार ISIS संबंधित कंटेंट और वीडियो देख रहा था.
जांच में पता चला कि आरोपी ने कोचिंग सेंटर में पढ़ाया था और अकेले रहता था. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से महज 90 मिनट के अंदर आरोपी को दबोचा लिया. मामले की गंभीरता और धार्मिक पहलू को देखते हुए राज्य आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने जांच अपने हाथ में ले ली है.
2019 लौटा भारत
जांच में पुलिस को पता चला है कि जैब जुबैर अंसारी मुंबई के कुर्ला इलाके में पैदा हुआ था, लेकिन बाद में उनका परिवार अमेरिका चला गया, जहां अंसारी ने पढ़ाई की थी और 2019 में भारत वापस लौट आया था. वापसी के बाद वह मीरा रोड के नयनगर इलाके में अकेले किराए के मकान में रह रहा था. उसका परिवार अभी-भी अमेरिका में रहता है.
सूत्रों के मुताबिक, वह इंटरनेट पर लगातार आईएसआईएस (ISIS) से जुड़े वीडियो और कट्टरपंथी कंटेंट देखता था. उसके मोबाइल फोन से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और वीडियो बरामद हुए हैं. जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि क्या वह किसी 'लोन वुल्फ' हमले की तैयारी कर रहा था या किसी चरमपंथी विचारधारा के प्रभाव में था.
3-4 महीने पहले छोड़ी कोचिंग
हैरानी की बात ये है कि जैब अंसारी एक पढ़ा-लिखा व्यक्ति है जो कुछ महीने पहले तक एक कोचिंग सेंटर में केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) और गणित पढ़ाता था. उसने लगभग तीन-चार महीने पहले पढ़ाना छोड़ दिया था. उसके मकान मालिक ने उसे 5 मई तक कमरा खाली करने का नोटिस भी दे रखा था.
पड़ोसियों को कभी भनक नहीं लगी कि गणित पढ़ाने वाला ये युवक पर्दे के पीछे किसी खतरनाक मंसूबे पर काम कर रहा है. पुलिस अब उसके कोचिंग सेंटर और पुराने दोस्तों (संपर्कों) से भी पूछताछ कर रही है.
क्या है मामला
दरअसल, सोमवार को मुंबई के मीरा रोड इलाके में जैब जुबैर अंसारी ने दोनों सिक्योरिटी गार्ड्स राजकुमार मिश्रा और सुब्रतो रमेश सेन से उनके नाम और धर्म पूछा. इसके बाद उसने उनसे कलमा पढ़ने को कहा, जब दोनों गार्ड्स कलमा नहीं पढ़ सके तो आरोपी ने अचानक चाकू निकालकर पहले मिश्रा और फिर सेन पर हमला कर दिया. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने घटना के महज 90 मिनट के अंदर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन बाद में मामले की गंभीरता और धार्मिक पहलू को देखते हुए राज्य आतंकवाद निरोधी दस्ते (ATS) ने जांच अपने हाथ में ले ली है.
पीड़ितों की हालत गंभीर
हमले का शिकार हुए राजकुमार मिश्रा की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जबकि सुब्रतो सेन का इलाज जारी है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या के प्रयास सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है.
विशेष पुलिस महानिरीक्षक (कानून और व्यवस्था) डॉ. मनोज कुमार शर्मा खुद इस जांच की निगरानी कर रहे हैं. एटीएस की टीम ने आरोपी के घर की तलाशी ली है और उसके डिजिटल फुटप्रिंट्स को खंगाला जा रहा है ताकि साजिश की गहराई का पता लगाया जा सके.
अफवाहों से बचने की हिदायत
साथ ही मीरा-भायंदर, वसई-विरार (MBVV) पुलिस ने जनता को इस घटना को लेकर किसी भी तरह की अफवाह न फैलाने की चेतावनी दी है. पुलिस ने साफ किया है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
एजेंसियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है, इसलिए बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी दावे पर भरोसा न करें. एटीएस अब जैब के अमेरिका प्रवास के दौरान की गतिविधियों की भी जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है.
सुरक्षा एजेंसियां जैब अंसारी के व्यवहार को 'लोन वुल्फ' हमले के तौर पर देख रही हैं, जहां व्यक्ति बिना किसी बड़े संगठन की सीधी मदद के खुद ही कट्टरपंथी बनकर हमला करता है. जिस तरह उसने गार्ड्स की पहचान पूछकर उन पर हमला किया, वह एक सोची-समझी साजिश की ओर इशारा करता है. एटीएस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या वह किसी विदेशी हैंडलर के संपर्क में था या खुद इंटरनेट सामग्री के जरिए रेडिकलाइज हुआ था.
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'ये सेल्फ कट्टरपंथी करण का मामला है'
इस घटना पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बयान जारी कर कहा कि ये घटना सेल्फ कट्टरपंथी करण का मामला है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच से पता चलता है कि ये मामले सेल्फ कट्टरपंथी करण का मामला है. किताबों, साहित्य और इंटरनेट के अत्यधिक इस्तेमाल से आरोपी ने खुद को कट्टरपंथी बना लिया है. जिहाद करने और दूसरे धर्म के लोगों को मारने के इरादे से उसने ये क्राइम किया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और एटीएस और एनआईए की मदद से इस कट्टरपंथी करण के पीछे कौन-कौन हैं, इसका पता लगाया जाएगा. आरोपी का परिवार अमेरिका में है, आरोपी खुद भारत से बाहर रहा था. जब वह यहां आया तो पहले कुर्ला में रुका और बाद में नया नगर आ गया. इसके पीछे कौन-कौन हैं? कौन-कौन इस कड़ी से जुड़े हैं? और कौन-कौन इस तरह कट्टरपंथी बन रहे हैं? जांच में ये सभी बातें सामने आएंगी.