
आंखों में आंसू लिए जो बूढ़ी मां डीसी मंडी अपूर्व देवगन को कसकर गले लगाते हुए नजर आ रही हैं, इनका नाम रुक्मणी है. जो बीते साल आपदा में अपने नौजवान बेटे को खो चुकी हैं. लेकिन जब भी रुक्मणी अपूर्व देवगन को देखती हैं तो इन्हें जिलाधीश में अपने बेटे की झलक नजर आती है. यही कारण है कि रुक्मणी को जब पता चला कि 20 मार्च को डीसी मंडी अपूर्व देवगन का जन्मदिन है तो उनसे डीसी मंडी से मिले बिना रहा नहीं गया. जिसके बाद रुक्मणी सुंदरनगर से दिवंगत बेटे राहुल के दोस्त राधे श्याम के साथ डीसी मंडी अपूर्व देवगन से मिलने पहुंच गईं.
डीसी मंडी के केबिन में जैसे ही रुक्मणी पहुंचीं तो उन्हें देखते ही उनकी आंखों से आंसू बहने लगे. उन्हें लगा कि जैसे उनका गुजरा हुआ बेटा सामने ही खड़ा हो. रुक्मणी ने डीसी मंडी अपूर्व देवगन को एक बेटे की तरह कसकर गले लगाया और फिर रो पड़ीं. डीसी मंडी ने भी एक मां की इन भावनाओं की कदर करते हुए अफसर नहीं, बल्कि एक बेटे की तरह रुक्मणी को अपने बांहों में थाम लिया.

एक मां के ममतामय और सुकून से भरे इन पलों को उस समय रुक्मणी को डीसी मंडी से मिलाने गए राधे श्याम ने अपने फोन में कैद कर लिया. राधे श्याम ने बताया कि डीसी मंडी अपूर्व देवगन की छवि उनके दोस्त जैसी दिखाई पड़ती है. यही कारण है कि आज उनके दोस्त की माता खुद को डीसी मंडी से मिलने से खुद को रोक नहीं पाईं. इस दौरान अपूर्व देवगन रुक्मणी से यह बोलते हुए भी नजर आए कि जिला प्रशासन की ओर से हादसे के शिकार हुए सभी लोगों को सही सलामत तलाशने की पूरी कोशिश की गई थी.
2 दिसंबर की शाम को 7 लोगों के साथ लैंडस्लाइड की चपेट में आ गया था रुक्मणी का बेटा
मंडी में 2 सिंतबर 2025 की शाम को जिले के सुंदरनगर के जंगमबाग में भीषण लैंडस्लाइड हुई थी. जिसकी चपेट में आने से 7 लोगों की मौत हो गई थी. जिसमें 4 लोग एक ही परिवार से थे. इस दौरान राहुल मंडयाल स्कूटी पर सवार होकर अपने घर खरतवाड़ी जा ही रहे थे कि तभी अचानक लैंडस्लाइड की चपेट में आ गए. यह वह दौर था जब करसोग से लेकर धर्मपुर तक पूरा मंडी जिला भीषण प्राकृतिक आपदा की मार झेल रहा था.
2 सिंतबर की शाम को जब यह हादसा हुआ तो प्रशासन की रेस्क्यू टीमों के साथ डीसी मंडी भी मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने खुद रेस्क्यू ऑपरेशन में मोर्चा संभाला था. राहुल मंडयाल यूथ कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ता भी थे. उनकी मौत की खबर पर सीएम सुक्खू सहित प्रदेश के अन्य छोटे बड़े सभी नेताओं ने शोक जताया था.