मध्य प्रदेश की कृषि उपज मंडी में धनिया, सरसों की फसल बेचने आए किसान के आंसू निकल पड़े. आंखों में आंसू लिए किसान हाथ जोड़कर गुहार लगाता रहा, लेकिन मंडी प्रबंधन की तानाशाही ने मामले को गर्मा दिया. किसान दुहाई देता रहा कि उसके घर में बेटी का ब्याह है और उसे पैसों की जरूरत है. यदि समय पर फसल नहीं बिकी और पैसे नहीं मिले तो शादी कैसे होगी.
अन्नदाता के आंसू पोंछने के लिए न ही प्रबंधन न ही कोई किसान नेता आगे आया. हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद मप्र मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कुमार पुरुषोत्तम (IAS) ने एक्शन लेते हुए दोषी कर्मचारी को निलंबित करने के आदेश दे दिए.
दरअसल, कृषि उपज मंडी में उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक मंडी इंस्पेक्टर की कथित शराबखोरी और तानाशाही के कारण नीलामी प्रक्रिया ठप हो गई. घंटों तक मंडी बंद रहने से आक्रोशित किसानों ने नेशनल हाईवे (एबी रोड) पर चक्काजाम कर दिया.
करीब आधे घंटे तक सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं, जिसे बाद में कैंट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर और किसानों को समझाइश देकर जाम खुलवाया.
5700 की सरसों को लिख दिया 5400
प्रत्यक्षदर्शी किसानों और व्यापारियों के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात मंडी निरीक्षक राजकुमार शर्मा शराब के नशे में बुरी तरह धुत्त थे. नीलामी के दौरान एक किसान की सरसों की ऊंची बोली 5700 रुपये प्रति क्विंटल लगी थी, लेकिन नशे में धुत इंस्पेक्टर ने जानबूझकर या गलती से पर्ची पर मात्र 5400 रुपये दर्ज कर दिए. जब किसान ने इस 300 के अंतर का विरोध किया, तो इंस्पेक्टर अभद्रता पर उतर आया. ताज्जुब की बात यह रही कि खरीदार व्यापारी भी 5700 रुपये में फसल लेने को तैयार था, लेकिन इंस्पेक्टर पर्ची सुधारने और हस्ताक्षर करने पर अड़ गया.
इंस्पेक्टर द्वारा व्यापारियों के साथ भी बदतमीजी की गई, जिससे नाराज होकर व्यापारियों ने फसल खरीदी का बहिष्कार कर दिया और मंडी बंद करा दी. सुबह 7 बजे से अपनी उपज लेकर आए किसान घंटों तक बिना नीलामी के परेशान होते रहे.
किसान राम सिंह रघुवंशी और गिर्राज यादव ने बताया कि मंडी प्रशासन की लापरवाही के कारण उन्हें 2-2 बार ट्रैक्टर का भाड़ा देना पड़ रहा है. कई किसानों के घर में शादियां हैं और वे अपनी उपज बेचकर पैसों का इंतजाम करने आए थे, लेकिन मंडी कर्मचारियों की मनमानी ने उन्हें सड़क पर उतरने को मजबूर कर दिया.
जयवर्धन सिंह का सरकार पर प्रहार
उधर, किसानों की परेशानी को देखते हुए पूर्व मंत्री और कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयवर्धन सिंह ने भी आंदोलन की चेतावनी दी है. जयवर्धन ने लिखा, ''कल बेटी की शादी है… और किसान मंडी में रोकर कह रहा है, ''साहब मेरा अनाज खरीद लो…''
Guna की नानाखेड़ी कृषि उपज मंडी में श्रीपुरचक निवासी किसान को अपनी ही मेहनत की फसल बेचने के लिए अधिकारियों के सामने रोना और गिड़गिड़ाना पड़ा.
वैसे ही भाजपा शासन में किसानों के साथ लगातार भेदभावपूर्ण अन्याय हो रहा है. न फसल का उचित दाम मिल रहा है और न ही समय पर खरीदी हो रही है. अन्नदाता को इस तरह अपमानित और मजबूर किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है.
मैं जिला कलेक्टर महोदय, गुना से मांग करता हूं कि इस मामले की तत्काल जांच कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. यदि किसानों के साथ इस तरह का अन्याय जारी रहा, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के हक के लिए सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन और प्रदर्शन करेगी. किसानों के आंसुओं की कीमत सरकार को चुकानी पड़ेगी.'' देखें VIDEO:-
विवादित मंडी इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा सस्पेंड
इस मामले पर मंडी सचिव आरपी सिंह ने स्वीकार किया कि प्रभारी निरीक्षक राजकुमार शर्मा के कारण विवाद की स्थिति बनी है. उन्होंने कहा राजकुमार शर्मा पहले भी विवादित रहे हैं.
किसानों ने उनके शराब के नशे में होने की शिकायत की है, जिसकी डॉक्टरी जांच कराई जाएगी. मौके का पंचनामा तैयार कर लिया गया है और वरिष्ठ कार्यालय को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जा रही है. हमारी प्राथमिकता मंडी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना है ताकि सीजन के समय किसानों को कोई असुविधा न हो.
मंडी सचिव ने व्यापारियों से चर्चा कर दोबारा खरीदी शुरू करवाई और आश्वासन दिया कि स्टाफ की कमी को लेकर भी शासन को अवगत कराया गया है. फिलहाल, विवादित इंस्पेक्टर को ड्यूटी से हटाकर जांच शुरू कर दी गई है.