लोकसभा गुरुवार को संसद का विशेष सत्र हंगामे से भरपूर रहा. इस दौरान महिला आरक्षण बिल से जुड़े संशोधनों पर सरकार और विपक्ष ने चर्चा की. चर्चा के दौरान कई बार तीखी बहस देखने को मिली तो कई दफा हल्के-फुल्के हंसी के मौके भी आए. लेकिन जब मंडी सांसद बिल पर बोलने के लिए उठीं तो संसद का DDLJ मोमेंट भी बन गया.
कंगना रनौत ने बिल को ऐतिहासिक बताया और कहा कि, यह पीएम मोदी की ओर से महिलाओं-बेटियों को तोहफा और कुछ ऐसा है कि जैसे पीएम मोदी ने कहा है 'जाओ बेटियों जी लो अपनी जिंदगी.'
कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं- कंगना रनौत
सदन में परिसीमन बिल और महिला आरक्षण पर चर्चा देर रात तक जारी रही. बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने लोकसभा में कहा कि जब भी कुछ अच्छा होने लगता है तो कांग्रेस के पेट में चूहे दौड़ने लगते हैं. एक तरफ प्रधानमंत्री जी की नीति है, तो दूसरे तरफ विपक्ष के लोग. मुलायम सिंह यादव जी ने कहा था कि अगर ये बिल आएगा तो सिर्फ शहरी महिलाएं ही सदन में आएगी.
ये है विपक्ष की सोच. उन्होंने कहा- जब मैं राजनीति में आई थी तो ऐसी ही सोच वाले लोगों ने मेरे पोस्टर लगाकर कमेंट किया था कि 'मंडी में क्या भाव है.' कंगना रनौत ने कहा- आज का दिन बहुत ऐतिहासिक है. यह सभी माताओं बहनों के लिए पीएम मोदी की तरफ से तोहफा है कि जाओ बेटियों जी लो अपनी जिंदगी.
सरकार ने जहां एक ओर अपने तर्क से इस बिल को बेहद जरूरी बताया तो वहीं विपक्ष ने कहा कि सरकार की मंशा भरोसेमंद नहीं है. इस दौरान महिला आरक्षण के साथ परिसीमन का मुद्दा जोर-शोर से उछला और विपक्षी दल के सांसदों ने इस पर विरोध जताते हुए कहा कि, वह महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन इससे परिसीमन को अलग कर लिया जाए तो ही. महिला आरक्षण एक छलावा है जिसकी आ़ड़ में बैकडोर से परिसीमन लागू करने की बात कही जा रही है.