लोकसभा में गुरुवार को स्पीकर ओम बिरला का चिर-परिचित अंदाज देखने को मिला. चेहरे पर मुस्कान के साथ स्पीकर कभी किसी सदस्य की तारीफ करते नजर आए, किसी को एक्सपर्ट बता दिया तो कभी मंत्री पर नाराजगी जताने में भी पीछे नहीं रहे. सदस्यों को रोका भी, टोका भी और सदन में मर्यादा का पालन करने की नसीहत भी दी. स्पीकर ने पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को भी फटकार लगाई.
दरअसल, पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव सदन में किसी सदस्य से बात करने में मशगुल थे. स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि पप्पू यादव जी, बहुत सीनियर बनते हो. उन्होंने कहा कि पिछले 10-15 मिनट से देख रहा हूं, पीठ पीछे कर के बातें कर रहे हो. स्पीकर ओम बिरला ने पप्पू यादव को अपनी सीट पर बैठने की हिदायत दी. उन्होंने सदस्यों और केंद्रीय मंत्रियों को भी आपस में बातचीत नहीं करने की हिदायत दी.
प्रश्नकाल के बाद लोकसभा में लिस्टेड बिजनेस लिए गए. लिस्टेड बिजनेस लिए जाने के बाद स्पीकर ने कहा कि कई सदस्य आधे घंटे से पीछे खड़े होकर बात कर रहे हैं. उन्होंने सदस्यों को चेतावनी देते हुए कहा कि फिर से साफ कहना चाहता हूं, कोई भी किसी से इस तरह से बात नहीं करेगा. बहुत जरूरी हो तो एक-दो मिनट बात कर लो. स्पीकर ने स्पष्ट कहा कि कोई मंत्री भी सदन में सदस्यों से इस तरह से बात नहीं करेगा.
उन्होंने चेतावनी दी कि अब अगर ऐसा हुआ, तो मैं नाम लेकर बोलूंगा. स्पीकर ने कहा कि सदन की गरिमा बनाए रखना जरूरी है और यह हम सबकी जिम्मेदारी है. सदन मर्यादा से चलेगा. उन्होंने समाजवादी पार्टी के सांसद रामशिरोमणि वर्मा की तारीफ भी की. प्रश्नकाल के दौरान जल शक्ति मंत्रालय से जुड़ा प्रश्न लिस्टेड था. यह प्रश्न पूछने के लिए सासंद रामशिरोमणि वर्मा खड़े हुए. स्पीकर ने उनकी तारीफ की.
ओम बिरला ने चेयर से कहा कि एक बात है, आप भी एमपी साहब एक्सपर्ट हो. उन्होंने कहा कि कोई भी विषय आए, प्रश्न पूछने को तैयार रहते हो. इस पर रामशिरोमणि वर्मा ने मुस्कराते हुए कहा कि माननीय अध्यक्ष जी, आपका संरक्षण चाहिए. उन्होंने अपनी बात जारी रखी. प्रश्नकाल के दौरान ही स्पीकर ने छत्तीसगढ़ के महासमुंद से बीजेपी की सांसद रूप कुमारी को रोक दिया और अगला प्रश्न ले लिया.
हुआ यह कि रूप कुमारी प्रश्न पूछते हुए कहा कि नल जल योजना में भूजल स्तर लगातार गिरते जा रहा है. वह अभी आगे बोल ही रही थीं कि स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें रोका और कहा कि चलिए, आगे बढ़िए. नहीं समझते हो तो आगे बढ़ो. उन्होंने अगले प्रश्न के लिए भजनलाल जाटव का नाम ले लिया. इसी तरह से यूपी के एटा से समाजवादी पार्टी के सांसद देवेश शाक्य को भी स्पीकर ने टोका और कहा कि शून्यकाल में राज्य के विषय उठाने की इजाजत नहीं है.
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एक मौका ऐसा भी आया, जब खुद स्पीकर ने ही किसी और सदस्य की बजाय दूसरे का नाम ले लिया. स्पीकर ने तुरंत ही सॉरी कहा और फिर से नाम लिया. हुआ यह कि शून्यकाल के दौरान स्पीकर ने मुरारीलाल मीणा का नाम ले लिया. स्पीकर ने फिर तुरंत ही कहा- नहीं सॉरी, डॉक्टर किरसन नामदेव. ओम बिरला ने किरसन नामदेव का नाम लिया और इसके बाद सदस्य ने बोलना शुरू किया.
नित्यानंद राय को भी टोका
स्पीकर ओम बिरला ने सीएपीएफ बिल चर्चा का जवाब दे रहे गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय को भी टोका. उन्होंने कहा कि अभी एक घंटे बोलेंगे नित्यानंद जी. इस पर नित्यानंद राय ने कहा कि नहीं सर, दो से ढाई मिनट और बोलूंगा. अपनी स्पीच के दौरान नित्यानंद राय उंगली दिखा रहे थे. इस पर स्पीकर ने उनसे उंगली नीचे रखने के लिए कहा. नित्यानंद राय ने कहा कि फिर तो हाथ नीचे रखना पड़ेगा महोदय. वह बोल ही रहे थे, कि स्पीकर ने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि बहुत हो गया.