
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े युद्ध का असर अब पूरी दुनिया पर पड़ने लगा है. होर्मुज की खाड़ी में तेल के जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है, जिसकी वजह से दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है. भारत भी इससे अछूता नहीं है. देश के कई हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं और एलपीजी यानी रसोई गैस की कमी की भी खबरें आ रही हैं. इसी माहौल में सोशल मीडिया पर एक बड़ी अफवाह फैल गई कि सरकार कोरोना जैसा देशव्यापी लॉकडाउन लगाने वाली है. इन अफवाहों से लोगों में डर और बेचैनी और बढ़ गई.
लेकिन अब केंद्र सरकार ने इन सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी ने शुक्रवार को साफ कहा कि लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह झूठी हैं.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि सरकार ऐसा कोई कदम उठाने पर विचार भी नहीं कर रही. उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मुश्किल वक्त में शांत रहें, ज़िम्मेदारी दिखाएं और एकजुट रहें.

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संसद भवन में मीडिया से बात करते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी यही बात दोहराई. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं और लोगों को इन पर ध्यान नहीं देना चाहिए.
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने हाल ही में एक्साइज ड्यूटी घटाई है ताकि आम जनता पर बढ़ते दाम का बोझ कम किया जा सके. रिजिजू ने कहा कि संसद में सांसद इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहेंगे.
सरकार की तरफ से यह भी कहा गया है कि हालात पूरी तरह काबू में हैं और किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है. लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे अफवाहों पर भरोसा न करें और जरूरत से ज़्यादा पेट्रोल या गैस जमा करने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे असली किल्लत और बढ़ जाती है. फिलहाल सरकार की नजर पूरी स्थिति पर है और ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने की हर संभव कोशिश की जा रही है.