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'यह असली केरल स्टोरी है...', CPIM नेता ने किया वायरल गर्ल और फरमान की शादी का समर्थन, RSS पर मढ़ा साजिश का आरोप

Viral Girl Marriage Controversy MP Kerala: प्रयागराज कुंभ मेले से चर्चा में आई 'वायरल गर्ल' और उसके मुस्लिम दोस्त फरमान खान की शादी का मामला अब MP से लेकर केरल तक एक बड़े राजनीतिक और कानूनी युद्ध में तब्दील हो गया है.

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उम्र के विवाद में उलझी वायरल गर्ल और फरमान की शादी.(Photo:ITG)
उम्र के विवाद में उलझी वायरल गर्ल और फरमान की शादी.(Photo:ITG)

प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान सुर्खियों में आई एक युवती का केरल के एक मंदिर में अपने मुस्लिम दोस्त से शादी करने में कुछ भी गलत नहीं था. केरल में CPI(M) के सचिव एमवी गोविंदन ने यह बात कही. उन्होंने इस विवाद के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक (RSS) को दोषी ठहराया.

दरअसल, हाल ही में मध्य प्रदेश में एक जांच शुरू की गई थी, जिसमें यह दावा किया गया था कि शादी के समय युवती की उम्र केवल 16 साल थी.

इस मामले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोविंदन ने कहा, "इसमें गलत क्या है? यह एक असली केरल कहानी थी." 

बता दें कि जनरल एजुकेशन मिनिस्टर वी. शिवनकुट्टी और CPI(M) के राज्यसभा सांसद एए रहीम के साथ गोविंदन पिछले महीने तिरुवनंतपुरम में हुई इस शादी में शामिल हुए थे. उन्होंने कहा कि उम्र से जुड़ा मुद्दा एक कानूनी मामला है. इसकी जांच पुलिस और संबंधित अधिकारियों को करनी चाहिए.

CPI (M) नेता गोविंदन ने कहा, "हमें कई मामलों का सामना करना पड़ा है. जब कोई मामला दर्ज होता है तो हम छिपने वाले लोग नहीं हैं." 

दस्तावेजों का सत्यापन

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गोविंदन ने कहा कि शादी से पहले युवती की ओर से पेश किए गए सभी दस्तावेजों की जांच की गई थी. उन्होंने दावा किया कि जोड़ा खुद सुरक्षा की तलाश में केरल पुलिस के पास आया था और उनके साथ लड़की के पिता भी मौजूद थे.

उन्होंने ऐसे दस्तावेज जमा किए जिनसे पता चलता था कि वह शादी की उचित उम्र की थी. शादी से पहले आधार और पैन कार्ड की जांच की गई थी, जिनमें उम्र बालिग दिखाई गई थी.'

उन्होंने आगे कहा कि दस्तावेजों का सत्यापन पुलिस, मंदिर के अधिकारियों और विवाह प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों ने किया था.

संघ परिवार को दोषी ठहराया

गोविंदन ने आरोप लगाया कि इस विवाद के पीछे संघ परिवार का हाथ है. उन्हें इस बात पर हैरानी है कि यहां इस तरह की शादी हुई. जोड़े का कहना है कि अब उन्हें जान का गंभीर खतरा है.

उन्होंने कहा कि CPI(M) के लिए यह अलग-अलग धर्मों के दो युवाओं का शादी करने का फैसला करने और पुलिस से संपर्क करने का मामला था, जिसके बाद मंदिर में शादी संपन्न हुई. उन्होंने कहा कि पार्टी के नेता जोड़े को बधाई देने के लिए समारोह में शामिल हुए थे.

गोविंदन ने कहा, "हम अब भी मानते हैं कि जो किया गया वह सही है. हम संघ परिवार के नैरेटिव के दबाव में पीछे नहीं हटेंगे. हम ऐसे मामलों का समर्थन करना जारी रखेंगे." 

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नाबालिग होने का दावा

इस बीच, राष्ट्रीय महिला आयोग की सलाहकार बोर्ड की सदस्य और तिरुवनंतपुरम की रहने वाली अंजना देवी ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने शादी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

अपनी शिकायत में उन्होंने महिला के पति फरमान खान, शिवनकुट्टी, गोविंदन और रहीम को आरोपी के तौर पर नामजद किया है. देवी ने आरोप लगाया कि यह शादी केरल में एक साजिश के तहत गैर-कानूनी और जबरदस्ती तरीके से की गई थी. उन्होंने दावा किया कि महिला के पिता ने इसका विरोध किया था और कहा था कि महिला अभी बालिग नहीं हुई है.

शिकायत में कहा गया है, "शिवनकुट्टी, गोविंदन और रहीम को इन आरोपों के बारे में पता था और इसके बावजूद उन्होंने तुरंत शादी करवाने और उसी दिन उसे रजिस्टर करवाने की साजिश रची. उनकी सक्रिय मिलीभगत के बिना फरमान खान यह गैर-कानूनी शादी नहीं कर पाता."

अंजना देवी ने आगे आरोप लगाया कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत तय प्रक्रिया, जिसमें नोटिस जारी करना और आपत्तियां आमंत्रित करना शामिल है, उसका पालन नहीं किया गया.

उनके अनुसार, यदि इन प्रक्रियाओं का पालन किया गया होता, तो पिता आपत्ति उठा सकते थे और शायद यह शादी संपन्न नहीं हो पाती.

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देवी ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोगों ने शादी को आसान बनाने और आपत्तियों को रोकने के लिए अपने अधिकार का दुरुपयोग किया.

अपनी याचिका में उन्होंने मांग की कि मध्य प्रदेश में दर्ज FIR में CPI(M) के नेताओं को भी आरोपी के तौर पर शामिल किया जाए और उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए.

उम्र का असली सच क्या?
मध्य प्रदेश में हुई जांच के अनुसार, अस्पताल के रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर युवती को नाबालिग बताया जा रहा है.  इसी आधार पर पति फरमान खान के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है. केरल के नेताओं का कहना है कि उम्र का मामला कानूनी है और इसकी जांच पुलिस को करने देनी चाहिए.

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