कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने शनिवार रात को बेंगलुरु में यात्रियों की सुविधाओं का जायजा लेने के लिए भेष बदलकर बीएमटीसी (BMTC) बसों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने करीब 2 घंटे तक 10 से ज्यादा बसों में आम यात्री की तरह सफर किया.
इस औचक निरीक्षण के दौरान लापरवाही बरतने और नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में मंत्री ने BMTC बस संख्या KA-57 F-3372 के ड्राइवर और कंडक्टर को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने का कड़ा आदेश जारी किया. बायरथी सुरेश ने परिवहन कर्मचारियों में अनुशासन लागू करने और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से ये कार्रवाई की है.
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने देखा कि एक यात्री के उतरने का स्पष्ट इशारा करने के बावजूद बस संख्या KA-57 F-3372 के ड्राइवर और कंडक्टर ने 'फन वर्ल्ड' बस स्टॉप पर बस को नहीं रोका. यात्रियों के प्रति इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए परिवहन मंत्री ने मौके पर ही इन दोनों कर्मचारियों को सस्पेंड करने का निर्देश दे दिया.
छुट्टे पैसों पर हुआ विवाद
सफर के दौरान मंत्री को खुद भी एक बेहद कड़वे अनुभव से गुजरना पड़ा. हेब्बाल से नागाशेट्टीहल्ली रूट पर यात्रा करते वक्त, जब उन्होंने किराए के लिए 100 रुपये का नोट दिया तो बस के कंडक्टर ने छुट्टे पैसे न होने का हवाला देकर उन्हें बस से नीचे उतर जाने के लिए कह दिया.
मंत्री ने नागाशेट्टीहल्ली में एक ऑटो-रिक्शा चालक की मनमानी में भी हस्तक्षेप किया जो किराया मीटर में 30 रुपये दिखने के बावजूद कथित तौर पर 36 रुपये वसूल रहा था.
बायराथी सुरेश ने स्पष्ट किया कि बेंगलुरु में यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने, अनुशासन लागू करने और जवाबदेही तय करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे.