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बेंगलुरु में 6 शैक्षिक संस्थानों और 2 हॉस्टल में अचानक कराई गई स्क्रीनिंग, 31 स्टूडेंट मिले ड्रग पॉजिटिव

बेंगलुरु के विजयनगर इलाके में पुलिस की एक बड़ी एंटी-ड्रग मुहिम के दौरान चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं. राज्य पुलिस की नई पहल 'सन्मित्र' के तहत 6 शिक्षण संस्थानों और 2 हॉस्टल में की गई जांच में 31 छात्र ड्रग्स पॉजिटिव पाए गए हैं. पुलिस ने बताया कि इस अभियान के तहत छात्रों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स द्वारा सहायता प्रदान की जाएगी.

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कर्नाटक पुलिस का एंट्री ड्रग ऑपरेशन. (सांकेतिक फोटो)
कर्नाटक पुलिस का एंट्री ड्रग ऑपरेशन. (सांकेतिक फोटो)

कर्नाटक पुलिस द्वारा युवाओं में नशीली दवाओं की लत को रोकने के लिए शुरू की गई नई पहल 'सन्मित्र' के तहत बेंगलुरु के विजयनगर इलाके में बड़े पैमाने पर ड्रग स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया. इस अभियान में 6 शैक्षिक संस्थानों और 2 हॉस्टलों में जांच की गई, जिसमें 31 छात्र के ड्रग पॉजिटिव पाए गए हैं.

कर्नाटक पुलिस ने गुरुवार को इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस विभाग ने पूरे राज्य में युवाओं पर गंभीर प्रभाव डाल रही ड्रग एडिक्शन की समस्या से निपटना के लिए सन्मित्र नामक अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत युवाओं पर दंडात्मक कार्रवाई के बजाए परिवर्तनकारी और दयालु दृष्टिकोण अपनाती है, ताकि नशामुक्त समाज बनाया जा सके. पुलिस का फोकस युवाओं को सही रास्ते पर लाने, काउंसलिंग और मेडिकल सपोर्ट प्रदान करने पर है.

'4 मार्च को चलायागा ऑपरेशन'

पुलिस के अनुसार, इस निर्देश के तहत 4 मार्च को पश्चिम डिवीजन के डीसीपी यतीश एन के नेतृत्व में विजयनगर सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले पुलिस स्टेशनों की सीमा में ये ऑपरेशन चलाया गया. संबंधित 6 शैक्षिक संस्थानों और 2 हॉस्टलों के प्रबंधन से सहमति और नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद जांच की गई.

'585 सैंपलों की रैंडम जांच'

पुलिस ने एक बयान में बताया कि 1,200 से ज्यादा छात्रों से यूरिन सैंपल एकत्र किए गए, जिनमें से 585 सैंपलों की रैंडम जांच की गई. इनमें से 31 सैंपल ड्रग्स के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए गए.

पुलिस के अनुसार, ये ऑपरेशन स्थानीय पुलिस स्टेशनों के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ आसपास के अस्पतालों के डॉक्टरों, टेक्नीशियनों और स्टाफ की पूरी सहभागिता से चलाया गया.

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'गोपनीय रहेगी छात्रों की पहचान'

पुलिस ने स्पष्ट किया कि पॉजिटिव पाए गए छात्रों की पहचान और उनके परिवार की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी. इन छात्रों के लिए मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल्स द्वारा काउंसलिंग की व्यवस्था की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उचित मेडिकल सहायता भी प्रदान की जाएगी. इस पहल का मकसद सजा देने के बजाय सुधार और पुनर्वास पर जोर देना है.

कर्नाटक पुलिस के डीजीपी और आईजीपी एम.ए. सलीम के निर्देश पर शुरू की गई 'सन्मित्र' पहल राज्य स्तर पर युवाओं को ड्रग्स से दूर रखने और जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाएंगे, ताकि समाज में नशे की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके.

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