कर्नाटक कांग्रेस में कैबिनेट फेरबदल की मांग को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है. बताया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में शामिल होने की मांग को लेकर कर्नाटक के वरिष्ठ विधायकों का एक ग्रुप दिल्ली के कर्नाटक भवन में डेरा डाले हुए है. इन विधायकों का कहना है कि मंत्रिमंडल में बदलाव जरूरी है और वो इस मुद्दे पर लगातार दबाव बना रहे हैं. साथ ही इन विधायकों ने एकजुटता दिखाने के लिए ब्रेकफास्ट मीटिंग भी बुलाई है. हालांकि, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने विधायकों के दिल्ली जाने पर कोई आपत्ति नहीं जताई है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे विधायकों के दिल्ली जाने में कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है. उन्होंने स्वीकार किया कि पांच राज्यों में चुनाव और बजट सत्र के कारण मंत्रिमंडल विस्तार में देरी हुई है. चूंकि ये मामला ढाई साल से लंबित है, इसलिए विधायकों के दबाव के बाद अब फेरबदल किया जा सकता है.
जब उनसे पूछा गया कि जब्बार ने इस्तीफा दे दिया है और क्या राजनीतिक सचिव नाजिर भी इस्तीफा देंगे? तो उन्होंने ये भी संकेत दिया कि कुछ राजनीतिक सचिवों के इस्तीफे की प्रक्रिया भी आगे बढ़ सकती है.
दावणगेरे उपचुनाव में हार की चर्चाओं पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने हार स्वीकार नहीं की है और उन्हें जीत का पूरा भरोसा है.
सीएम ने कहा कि हाईकमान द्वारा नियुक्त सचिव की रिपोर्ट के आधार पर उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया. सलीम अहमद के बयान पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों का मतलब हार निश्चित होना नहीं है.
10 और विधायकों के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद
दूसरी ओर सूत्रों ने बताया कि फिलहाल 15 विधायक कर्नाटक भवन में ठहरे हुए हैं, जबकि आज करीब 10 और विधायकों के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है. ये सभी विधायक मंत्रिमंडल में शामिल होने की मांग कर रहे हैं और पार्टी हाईकमान से फेरबदल की मांग कर रहे हैं.
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में मौजूद विधायक एकजुट होकर आलाकमान के सामने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं. जिसके लिए उन्होंने सोमवार सुबह ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई है. इस बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. इनका मुख्य उद्देश्य मंत्रिमंडल में नए चेहरों को शामिल करवाना है. विधायकों का मानना है कि राज्य सरकार के कामकाज में नई ऊर्जा फूंकने के लिए फेरबदल जरूरी है.
वेणुगोपाल और सुरजेवाला से करेंगे मुलाकात
इसके बाद वो अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला से मुलाकात करेंगे और कैबिनेट रीशफल (फेरबदल) की अपनी मांग जोरदार तरीके से रखेंगे.
वहीं, कर्नाटक कांग्रेस में बढ़ते गतिरोध को देखते हुए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दोपहर ढाई बजे की फ्लाइट से बेंगलुरु से दिल्ली पहुंचेंगे. खड़गे के दिल्ली पहुंचे के बाद उम्मीदें लगाई जा रही है कि वह विधायकों से मुलाकात कर सकते हैं. उधर, विधायक खड़गे के दिल्ली पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं और उनके आने के बाद उनसे भी मुलाकात करने की तैयारी में हैं.