दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में आग लगने से 29 साल के इराकी नागरिक की मौत हो गई. वह अपने रिश्तेदार के इलाज के लिए परिवार के साथ भारत आया था. परिजनों का कहना है कि चारों ओर फैले घने धुएं के कारण वह सीढ़ियों से बाहर निकलने में असमर्थ रहा.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अली आमिर मोसा नामक व्यक्ति अपने परिवार के साथ होटल में ठहरा हुआ था. जहां भीषण आग लगी, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए. बता दें, मृतकों में 12 विदेशी नागरिक भी शामिल थे, जिनके परिजन पास के अस्पतालों में इलाज करा रहे थे.
इस घटना को लेकर अली आमिर मोसा के ब्रदर‑इन‑लॉ हबीब ने बताया कि परिवार लगभग एक हफ्ते से यहां रह रहा था. उसके बेटे हैदर का साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर का इलाज चल रहा है.
खिड़की से निकला बाहर हबीब
हबीब के अनुसार, आग ऊपरी मंजिलों में तेजी से फैल गई, जिससे गलियारे घने धुएं से भर गए और विजिबिलिटी बेहद कम हो गई. निवासियों को खिड़कियों से बाहर निकलने के रास्ते तलाशने पड़े.
उन्होंने कहा, 'मैं पांचवीं मंजिल पर रह रहा था. मैं इसलिए बच गया क्योंकि खिड़की के रास्ते इमारत से बाहर निकल गया.' हबीब के मुताबिक उसने खिड़की से कूदकर अपनी जान बचाई.
हबीब ने बताया कि आग लगने के समय वह सो रहा था और इमारत में जो कुछ हुआ उसे समझने का समय ही नहीं मिला. हबीब ने कहा, मुझे बस घना काला धुआं ही दिखाई दे रहा था. उन्होंने कहा कि अली की मौत सीढ़ियों से उतरने की कोशिश की वजह से हुई.
वहीं, इस घटना को लेकर दिल्ली दमकल सेवा के एक अधिकारी ने जानकारी दी, आग पर काबू पाने के लिए शुरुआती कदम के तौर पर दो वॉटर टेंडर, दो वॉटर बाउजर, एक क्विक रिस्पॉन्स गाड़ी और आग बुझाने वाली अन्य यूनिट्स भेजी गईं थी. होटल में फंसे 35 लोगों को बचाया गया. कई विदेशी नागरिक भी यहां पर रुके हुए थे.