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161 जिंदगियां थीं खतरे में, जानिए कितनी जोखिम भरी थी इंडिगो की दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग

इमरजेंसी लैंडिंग वह स्थिति होती है जब विमान में तकनीकी खराबी, इंजन फेल, मेडिकल इमरजेंसी या किसी अन्य खतरे के कारण विमान को निर्धारित समय या स्थान से पहले तुरंत उतारना पड़ता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि कम ऊंचाई पर संचालन सबसे चुनौतीपूर्ण होता है.

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इंडिगो विमान की लैंडिंग के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी लागू कर दी गई थी. (Photo-ITG)
इंडिगो विमान की लैंडिंग के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर फुल इमरजेंसी लागू कर दी गई थी. (Photo-ITG)

शनिवार की सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब विशाखापत्तनम से आ रहे इंडिगो के विमान (6E 579) में तकनीकी खराबी की सूचना मिली. विमान के  इंजन फेल होने की आशंका को देखते हुए एयरपोर्ट  पर 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी गई. गनीमत रही कि सुबह करीब 11 बजे विमान सुरक्षित लैंड कर गया और एक बड़ा हादसा टल गया.

आसमान में 'खतरे' की वह कॉल
सुबह करीब 10:50 बजे, जब बोइंग 737-800 विमान दिल्ली के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कर रहा था तो इसके इंजन में गंभीर तकनीकी खराबी का संकेत मिला. विमानन विशेषज्ञों के अनुसार, इंजन फेलियर की स्थिति में विमान का संतुलन बिगड़ सकता है और हाइड्रोलिक सिस्टम प्रभावित हो सकता है. पायलट ने बिना देरी किए एटीसी (ATC) को सूचित किया. 10:53 बजे एयरपोर्ट पर 'फुल इमरजेंसी' घोषित कर दी गई. रनवे नंबर 28 को हाई अलर्ट पर खा गया.

लैंडिंग किसी भी उड़ान का सबसे खतरनाक हिस्सा होती है क्योंकि यहा चूक की गुंजाइश लगभग शून्य होती है. इस इमरजेंसी लैंडिंग में तीन प्रमुख जोखिम थे:

- लैंडिंग के समय विमान पहले ही धीमी गति पर होता है. यदि इंजन पूरी तरह काम करना बंद कर दे, तो विमान को रनवे तक गाइड करने के लिए पायलट के पास प्रतिक्रिया का समय बहुत कम बचता है.

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- तकनीकी खराबी की स्थिति में विमान का वजन और संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. यदि टचडाउन के समय विमान का संतुलन बिगड़ता, तो वह रनवे से फिसल सकता था.

- इंजन में खराबी का मतलब अक्सर घर्षण या रिसाव होता है. लैंडिंग के दौरान टायर और रनवे के बीच टकराने से पैदा होने वाली चिंगारी आग का रूप ले सकती थी, इसीलिए दमकल की गाड़ियां पहले से तैनात थीं.

यह भी पढ़ें: दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, मौत को छूकर निकले 161 यात्री

सुरक्षित टचडाउन
161 यात्रियों की सांसें अटकी हुई थीं, लेकिन पायलटों की कुशलता और एटीसी के सटीक समन्वय से विमान सुबह 10:54 बजे रनवे 28 पर सुरक्षित उतर गया. एजेंसियों के अलर्ट मोड पर होने के कारण एम्बुलेंस और बचाव दल विमान के रुकते ही उसके करीब पहुंच गए और सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया.

डीजीसीए ने क्या कहा
डीजीसीए ने एक बयान जारी करते हुए कहा, '28.03.2026 को इंडिगो की वेट लीज़ पर लिया गया बी737-800 (रजिस्ट्रेशन TCCON) विमान विशाखापत्तनम से दिल्ली(6E-579) आ रहा था. उड़ान के दौरान बिना किसी कमांड के नंबर-1 इंजन बंद हो गया था. नंबर-1 इंजन में तेज कंपन (वाइब्रेशन) महसूस होने के बाद यह फेल हो गया. विमान में CFM-56 इंजन लगा हुआ है. आपात स्थिति घोषित की गई और विमान को सुरक्षित उतार लिया गया. विमान को जांच और आवश्यक सुधार के लिए भेजा गया है.'

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इंडिगो का बयान
इंडिगो ने एक बयान में कहा कि लैंडिंग से कुछ ही देर पहले एक "तकनीकी खराबी" का पता चला था.इंडिगो प्रवक्ता ने बयान जारी करते हुए कहा,   '28 मार्च, 2026 को विशाखापत्तनम से दिल्ली जा रही इंडिगो की फ़्लाइट 6E 579 में लैंडिंग से कुछ ही देर पहले एक तकनीकी खराबी का पता चला. एहतियाती कदम के तौर पर और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार, पायलटों ने प्राथमिकता के आधार पर लैंडिंग का अनुरोध किया और विमान सुरक्षित रूप से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतर गया. सभी संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित किया गया और विमान की आवश्यक जांच और रखरखाव का काम चल रहा है. इंडिगो में ग्राहकों और क्रू की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है.'

यह भी पढ़ें: 'भारत के 50% कमर्शियल विमानों में तकनीकी गड़बड़ी', संसदीय पैनल की रिपोर्ट से बड़ा खुलासा

यह घटना उस वक्त हुई है जब हाल ही में संसद की स्थायी समिति ने बताया है कि भारत के 50% कमर्शियल विमानों में तकनीकी खामियां हैं. विशेष रूप से बोइंग 737 के इंजन वैश्विक स्तर पर जांच के घेरे में हैं. पिछले महीने भी स्पाइसजेट के इसी मॉडल के विमान का इंजन फेल हुआ था, जो इस 'टेक्निकल फॉल्ट' को एक बड़े सिस्टमैटिक फेलियर की ओर इशारा करता है.

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