Vande Bharat Trial Run: भारतीय रेलवे यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार प्रयास कर रहा है. यात्रियों को सफर के दौरान किसी भी तरह की समस्या न हो इसके लिए भी रेलवे लगातार काम करता है. हाई स्पीड सुविधा के लिए भारतीय रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन कर रहा है. अब तक रेलवे द्वारा चार वंदे भारत एक्सप्रेस चलाई जा चुकी हैं. अब पांचवीं वंदे भारत एक्सप्रेस भी जल्द पटरियों पर दौड़ेगी. भारतीय रेलवे ने सोमवार को चेन्नई-मैसूर के बीच ट्रेन का ट्रायल रन शुरू कर दिया है.
चेन्नई-मैसूर वंदे भारत का ट्रायल रन चेन्नई के एमजी रामचंद्रन सेंट्रल रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ. पीएम नरेंद्र मोदी 11 नवंबर को देश की पांचवीं वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे. दक्षिण भारत की ये पहली वंदे भारत ट्रेन होगी. पहली वंदे भारत ट्रेन को 15 फरवरी, 2019 को हरी झंडी दिखाई गई थी. पहली वंदे भारत एक्सप्रेस नई दिल्ली-कानपुर-प्रयागराज-वाराणसी रूट पर चलाई गई थी.
बता दें, दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन नई दिल्ली से कटरा के बीच चलती है. वहीं, तीसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन अहमदाबाद से मुंबई सेंट्रल के बीच चलती है और चौथी वंदे भारत एक्स्प्रेस नई दिल्ली से हिमाचल प्रदेश के बीच चलती है. पीएम मोदी ने 13 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश को वंदे भारत का तोहफा दिया था.
वंदे भारत ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है. इनमें जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वैक्यूम आधारित बायो टॉयलेट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर समेत तमाम सुविधाएं हैं. नई खूबियों से लैस नेक्स्ट जनरेशन वाली वंदे भारत 2.0 ट्रेन में कवच (ट्रेन कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम) की सुविधा है. इसके तहत हर कोच में चार इमरजेंसी विंडो जोड़े जाने से अधिक सुरक्षा मिलेगी.