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2500 वीडियो क्लिप और महिलाओं का यौन शोषण...सेक्स स्कैंडल में फंसे रेवन्ना को कितनी हो सकती है सजा?

अलग-अलग महिलाओं के यौन शोषण और 2500 से ज्यादा अश्लील क्लिप मिलने के बाद पूर्व पीएम देवगौड़ा के पोते रेवन्ना बुरी तरह घिर गए हैं. उनके खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं और एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है. रेवन्ना इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए पहले ही देश छोड़कर जर्मनी भाग चुके हैं. अब ऐसे में सवाल उठता है कि अगर वो इस मामले में दोषी साबित हो जाते हैं तो उन्हें कितनी सजा मिल सकती है.

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प्रज्वल रेवन्ना की बढ़ी मुश्किलें
प्रज्वल रेवन्ना की बढ़ी मुश्किलें

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना के सेक्स स्कैंडल ने पूरे देश में सनसनी मचा दी है. रेवन्ना के अब तक अलग-अलग लड़कियों संग 2500 से ज्यादा अश्लील वीडियो क्लिप की जानकारी सामने आ चुकी है. जांच एजेंसी को एक पेन ड्राइव मिली है जिसमें ढाई हजार से ज्यादा रेवन्ना से जुड़े अश्लील वीडियो हैं. अब जनता दल सेक्युलर (JDS) ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया है.

रेवन्ना का अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद वो देश छोड़कर जर्मनी भाग गए है और उनकी तरफ से आरोप लगाया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में उनकी छवि को खराब करने के लिए फर्जी वीडियो को फैलाया जा रहा है. चूंकि देवगौड़ा की पार्टी इस लोकसभा चुनाव में एनडीए की सहयोगी है इसलिए कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल सरकार पर कई गंभीर आरोप लगा रहे हैं.

चौतरफा दबाव के बाद इस मामले में रेवन्ना के खिलाफ एसआईटी जांच तेज कर दी गई है और कर्नाटक के हासन में 2 केस दर्ज किए गए हैं. अब ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि अगर इस मामले में पूर्व पीएम देवगौड़ा के पोते दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें कितनी सजा हो सकती है ?

रेवन्ना को कितनी सजा हो सकती है?

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प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ जो FIR दर्ज की गई है उसमें आईपीसी की धारा 354ए, 354डी,  506, 509 लगाई गई है. अब हम आपको बताते हैं कि आईपीसी की इन धाराओं में अगर रेवन्ना दोषी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें अधिकतम कितनी और किस प्रकार की सजा हो सकती है.

आईपीपीसी की धारा 354ए  के तहत यौन उत्पीड़न का आरोप लगता है जिसमें दोषी पाए गए शख्स को अधिकतम 3 साल जेल की सजा और उस पर जुर्माना लग सकता है. वहीं रेवन्ना के खिलाफ धारा 354डी भी लगाई गई है जिसका मतलब गलत नियत से किसी महिला का पीछा करना होता है. इस धारा के तहत दोषी पाए जाने पर अधिकतम 5 साल जेल की सजा और जुर्माना लग सकता है. 

वहीं रेवन्ना पर आईपीसी की धारा 506  (आपराधिक धमकी देना) के तहत उन्हें अधिकतम 7 साल जेल और जुर्माने की सजा मिल सकती है जबकि धारा 509 के तहत किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में उन्हें अधिकतम तीन साल जेल की सजा और जुर्माना लग सकता है.

कर्नाटक के मंत्री ने जांच पर क्या कहा?

वहीं इस पूरे मामले पर कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वर ने कहा है कि प्रज्वल रेवन्ना विदेश भाग गए हैं. उन्हें वापस लाकर जांच करने की जिम्मेदारी एसआईटी की है. इस मामले में जांच जारी रहेगी. मामले की जांच के लिए 18 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को नियुक्त किया गया है, जिनमें तीन असिस्टेंट कमिश्नर पुलिस (एसीपी) और दो इंस्पेक्टर शामिल हैं. इन पुलिसकर्मियों को जांच के सिलसिले में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा. अधिकारी सभी वीडियो की बारीकी से जांच करेंगे.
 

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