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टीकरी बॉर्डर पर दो और किसानों की हार्ट अटैक से मौत, कृषि कानूनों का कर रहे थे विरोध

किसान आंदोलन के दौरान दो और किसानों की मौत हो गई. दोनों किसान की हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों किसान पंजाब के बरनाला जिले के रहने वाले है.

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कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान (फाइल फोटो)
कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • पंजाब के बरनाला के रहने वाले किसानों की मौत
  • संगठन का दावा- अब तक 500 किसान गंवा चुके हैं जान

नए कृषि कानूनों के खिलाफ टीकरी बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की मौत का नहीं सिलसिला नहीं रुक रहा है. किसान आंदोलन के दौरान दो और किसानों की मौत हो गई. दोनों किसान की हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है. बताया जा रहा है कि दोनों किसान पंजाब के बरनाला जिले के रहने वाले है. इनकी पहचान राजेन्द्र और कर्म सिंह के रूप में हुई है.

टीकरी बॉर्डर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों की माने तो मृतक किसान पिछले लंबे समय से किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे. मृतक किसानों की पहचान पंजाब के बरनाला जिला निवासी राजेंद्र और कर्म सिंह के रूप में हुई है. दोनों किसानों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के सामान्य अस्पताल में भिजवाया गया है.

तीन कृषि कानूनों को रद्द करवाने और एमएसपी की मांग को लेकर पिछले 7 महीने से किसान दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर आंदोलन कर रहे हैं. कृषि संगठनों का दावा है कि इस आंदोलन में शामिल करीब 500 किसान अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं, लेकिन सरकार और किसानों के बीच बातचीत बंद है.

किसान नेताओं का कहना है कि सरकार अपनी जिद पर अड़ी हुई है. हालांकि, सरकार की जिद के आगे किसान भी अड़े हैं और सड़क पर पक्का घर बना चुके हैं. उनका कहना है कि जब तक कानून वापसी नहीं होती, तब तक घर वापसी भी नहीं होगी. वहीं सरकार की ओर से बार-बार कृषि कानून के फायदे गिनाए जा रहे हैं.

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