प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एक बड़े मामले में हीरा ग्रुप की 159 करोड़ रुपये की 23 संपत्तियों की नीलामी की है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ईडी ने यह एक्शन लिया है.
प्रवर्तन निदेशालय के हैदराबाद जोनल ऑफिस ने इस मामले की आरोपी नोहेरा शेख, हीरा ग्रुप ऑफ कंपनीज और उनसे जुड़ी संस्थाओं की 23 अचल संपत्तियों (इम्वूवेबल प्रॉपर्टीज) को सफलतापूर्वक नीलाम कर दिया है.
नीलाम की गई इन संपत्तियों की कीमत करीब 159 करोड़ रुपये है. ईडी के मुताबिक, हीरा ग्रुप ने देश भर के निवेशकों से सालाना 36% से ज्यादा का रिटर्न देने का वादा करके 5,978 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा की थी. एजेंसी का आरोप है कि निवेशकों को न तो वादा किया गया रिटर्न दिया गया और न ही मूल निवेश राशि वापस की गई.
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यह नीलामी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत 19 जून 2026 को एमएसटीसी लिमिटेड के जरिए आयोजित की गई थी. इन संपत्तियों को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत अपराध से हासिल हुई कथित संपत्ति मानकर पहले ही अटैच कर लिया गया था.
नीलामी से मिलने वाली इस रकम का इस्तेमाल सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में असली निवेशकों और पीड़ितों को उनका पैसा लौटाने के लिए किया जाएगा.
इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन न करने की वजह से बेल कैंसिल होने के बाद ईडी ने नोहेरा शेख को 21 मई 2026 को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था.
वह अभी न्यायिक हिरासत में हैं. ईडी ने इस मामले में उनकी पर्सनल असिस्टेंट नाजनीन अंसारी उर्फ अबीदा को भी गिरफ्तार किया है. नाजनीन पर अपराध की कमाई को संभालने और नीलामी के प्रोसेस में रुकावट डालने का आरोप है. वह भी अभी न्यायिक हिरासत में हैं. इस पूरे मामले में आगे की जांच जारी है.