देश में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के साथ बढ़ रहे अत्याचार को लेकर कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार के खिलाफ पूरे देश में एक बड़ा अभियान शुरू करने का ऐलान किया है. इसी के साथ, इंडियन यूथ कांग्रेस NEET पेपर लीक मामले को लेकर पहले से ही देशभर में राज्य-दर-राज्य विरोध प्रदर्शन कर रही है. यानी कांग्रेस एक साथ दो बड़े मुद्दों पर सड़क पर उतरने की तैयारी में है.
शनिवार को दिल्ली में कांग्रेस के दो बड़े विभागों यानी अनुसूचित जाति विभाग और अल्पसंख्यक विभाग ने मिलकर एक संयुक्त बैठक की. इस बैठक में तय किया गया कि भाजपा सरकार के राज में देश के कमजोर वर्गों के साथ जो अन्याय हो रहा है, उसके खिलाफ दोनों विभाग मिलकर देशभर में आवाज उठाएंगे.
इस बैठक के बाद कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. इसमें अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी और अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम ने मोदी सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए.
20 जुलाई को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन
दोनों नेताओं ने बताया कि 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बहुत बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. इसमें देशभर से दलित और अल्पसंख्यक समाज के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होंगे.
पहले लखनऊ, फिर पूरे देश में कार्यक्रम
जून के तीसरे हफ्ते में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दोनों विभागों की एक बड़ी संयुक्त बैठक होगी. इसके बाद यह अभियान बाकी राज्यों में भी फैलाया जाएगा. और सिर्फ बड़े शहरों तक नहीं, बल्कि जिला और ब्लॉक स्तर तक भी इसे पहुंचाया जाएगा, यानी एकदम जमीनी स्तर तक.
पीड़ितों को मिलेगी कानूनी और सामाजिक मदद
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश में जहां भी किसी कमजोर वर्ग के व्यक्ति के साथ अत्याचार होगा, दोनों विभागों के नेता मिलकर उसके साथ खड़े होंगे. जरूरत पड़ने पर पीड़ित को कानूनी मदद, सामाजिक सहयोग और प्रशासनिक स्तर पर भी मदद दी जाएगी.
इमरान प्रतापगढ़ी ने क्या कहा?
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि देश के गरीब, वंचित और कमजोर लोगों के मन में यह भरोसा बना रहे कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर का बनाया संविधान सबको बराबरी का हक और न्याय देता है.
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सिर्फ दलित और अल्पसंख्यक नहीं, सबको जोड़ेगी कांग्रेस
राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि इस अभियान में सिर्फ दलित और अल्पसंख्यक ही नहीं, बल्कि आदिवासी विभाग, OBC विभाग, अति पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को भी जोड़ा जाएगा. मकसद यह है कि इन सभी वर्गों की आवाज को कोई दबा न सके.
अब तक कहां-कहां हो चुके हैं प्रदर्शन?
IYC ने इस मुद्दे पर पहले से कई राज्यों में प्रदर्शन कर लिए हैं.
29 मई : गोवा
31 मई : पुणे
1 जून : कोल्हापुर
2 जून : मुंबई
3 जून : तेलंगाना
4 जून : असम
5 जून : पानीपत
6 जून : कुरुक्षेत्र
आगे इन राज्यों में होंगे प्रदर्शन
7 जून : मध्य प्रदेश
8-9 जून : झारखंड
10 जून : राजस्थान
13 जून : गुजरात
14 जून : चंडीगढ़
15 जून : पंजाब
16 जून : मध्य प्रदेश
17 जून : मध्य प्रदेश
20 जून : केरलम, दिल्ली
22 जून : तमिलनाडु