scorecardresearch
 

कर्नाटक कांग्रेस में गहराया संकट, CM सिद्धारमैया के करीबियों पर एक्शन की तैयारी में आलाकमान

कांग्रेस में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे हैं. पार्टी हाईकमान ने दावणगेरे दक्षिण में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. नजीर अहमद को पद छोड़ने को कहा गया है और जमीर अहमद खान को कैबिनेट से हटाने पर विचार किया जा रहा है.

Advertisement
X
सिद्धारमैया के करीबी नेताओं पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप है. (Photo: PTI)
सिद्धारमैया के करीबी नेताओं पर पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप है. (Photo: PTI)

अल्पसंख्यक नेतृत्व के एकीकरण को लेकर कांग्रेस में तनाव बढ़ गया है. कहा जा रहा है कि पार्टी हाईकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी नेताओं की पार्टी विरोधी गतिविधियों से नाराज है. ऐसे में इन नेताओं पर पार्टी आलाकमान जल्द कोई एक्शन भी ले सकता है.

हाल ही में अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया था. अब मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव नजीर अहमद को पद छोड़ने के लिए कहा गया है. शनिवार को सिद्धामैया और हाईकमान के बीच देर रात तक कई दौर की बातचीत हुई.
 
हाईकमान ने निर्देश दिया है कि दावणगेरे दक्षिण में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. सिद्धारमैया के करीबी सहयोगी और पूर्व जद(एस) नेता जमीर अहमद खान भी इस जांच के घेरे में आ गए हैं. 

इंटेलिजेंस विंग और AICC सचिव अभिषेक दत्त की दो अलग-अलग रिपोर्टों में जब्बार, नजीर अहमद और जमीर को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाया गया. उनपर आरोप हैं कि उन्होंने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों का समर्थन किया. इसके साथ ही उनके कंपेन के लिए फंडिंग की और चुनाव में भी मदद की.

Advertisement

वित्तीय रूप से SDPI की मदद

पार्टी को शक है कि इनमें से कुछ नेताओं ने वित्तीय रूप से SDPI की मदद की होगी, जो कांग्रेस के लिए किसी बड़ी राजनीतिक चुनौती से कम नहीं है. इंटेलिजेंस इनपुट्स ने दावणगेरे दक्षिण में एक SDPI उम्मीदवार के समर्थन से जुड़े वित्तीय लेनदेन को ट्रैक किया है.

यह भी पढ़ें: 'कर्नाटक को दलित CM मिले...', सिद्धारमैया-शिवकुमार की तकरार के बीच कांग्रेस MLA की डिमांड

तीनों नेताओं ने एक अल्पसंख्यक उम्मीदवार, सादिक पहलवान के लिए भी पुरजोर दबाव बनाया था. इसके बाद सिद्धारमैया को आंतरिक असंतोष को शांत करने के लिए सेकेंड लाइन मुस्लिम नेताओं रिजवान अरशद और सलीम अहमद को आगे लाना पड़ा.

जब्बार और नजीर अहमद के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद, सीएम अब जमीर अहमद खान को कैबिनेट से हटाने पर विचार कर रहे हैं. 

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement