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चीनी हैकर्स ने भारत की पावर ग्रिड, इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को बनाया निशाना! रिपोर्ट का दावा

चीनी हैकर्स ने पिछले कुछ महीनों में भारत की पावर ग्रिड्स और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को निशाना बनाया था. ऐसा दावा Recorded Future की रिपोर्ट में किया गया है.

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चीनी हैकर्स ने भारत की पावर ग्रिड को बनाया निशाना (सांकेतिक फोटो)
चीनी हैकर्स ने भारत की पावर ग्रिड को बनाया निशाना (सांकेतिक फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • Recorded Future की रिपोर्ट का दावा
  • हैकिंग ग्रुप का नाम TAG-38 बताया गया है

बॉर्डर विवाद के बीच चीन की सरकार से प्रायोजित हैकर्स ने भारत के ऊर्जा सेक्टर को निशाना बनाया है, ऐसा दावा सामने आया है. ऐसे खतरों के बारे में रिपोर्ट देने वाली फर्म Recorded Future ने बुधवार को इसकी जानकारी दी है. Recorded Future का कहना है कि चीनी हैकर्स ने साइबर जासूसी अभियान के तहत ऐसा किया था, इसमें भारत के कम से कम सात लोड डिस्पैच सेंटर्स को निशाना बनाया गया था.

ये डिस्पैच सेंटर्स उत्तर भारत में लद्दाख एरिया में मौजूद हैं. लोड डिस्पैच सेंटर्स ही ग्रिड को कंट्रोल करते हैं और संबंधित इलाकों में बिजली की सप्लाई करते हैं. इसमें से एक डिस्पैच सेंटर को पहले दूसरे हैकर ग्रुप RedEcho ने भी निशाने पर लिया था.

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि हैकर्स ने भारत के एक नेशनल इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम, मल्टीनेशनल लॉजिस्टिक कंपनी की इकाई को भी निशाने पर लिया था.

हैकिंग ग्रुप TAG-38 ने ShadowPad नाम का मेलवेयर सॉफ्टवेयर इस्तेमाल किया था. रिपोर्ट के मुताबिक, यह सॉफ्टवेयर पहले चीन की पीपल्स लिब्रेशन आर्मी और रक्षा मंत्रालय ने भी इस्तेमाल किया था. Recorded Future की रिपोर्ट का कहना है कि डिस्पैच सेंटर्स को निशाना बनाकर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के आसपास की जानकारी एकत्र की गई होगी या फिर भविष्य में कहां क्या योजनाएं बनाई जा रही हैं, इसको निकाला गया होगा.

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