रविवार, 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आगामी बजट (Union Budget 2026) पेश करेंगी. इसके साथ ही एक खास रिकॉर्ड बन जाएगा कि देश में पहली बार रविवार को बजट पेश किया जाएगा. इस बार के बजट पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं. हर वर्ग को इस बजट से खास उम्मीदें हैं. आइए जानते हैं वे 10 बड़े ऐलान, जो रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर सकती हैं...
1. इनकम टैक्स को लेकर ऐलान
पिछले साल बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान करते हुए नए टैक्स रिजीम के तहत 12 लाख सालाना कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगाने का ऐलान किया था, जबकि सैलरीड एम्प्लाई को ऊपर से 75000 रुपये का स्टैंडर्ड डिडकक्शन का लाभ दिया था और टैक्स स्लैब को पहले से सरल कर दिया था. लेकिन अभी भी बहुत से टैक्सपेयर्स इस कैटेगरी से बाहर हैं और वो अभी भी ओल्ड टैक्स रिजीम का यूज करते हैं. ऐसे में वह इस छूट को 12 से 14 लाख रुपये सालाना करने की मांग कर रहे हैं.
2. ओल्ड टैक्स रिजीम
भले ही नए टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख टैक्स छूट दे दी गई हो, लेकिन अभी भी बहुत से टैक्सपेयर्स ओल्ड टैक्स को ही बेहतर मानते हैं और चाहते हैं कि इसमें भी छूट की लिमिट को ब्ढ़ा दिया जाए. अभी बेस टैक्स छूट लिमिट 2.5 लाख रुपये है, लेकिन Section 87A के तहत टैक्स रिबैट दिया जाता है, जो सालाना कमाई पर टैक्स छूट की लिमिट बढ़कर 5 लाख रुपये हो जाती है. अब इसे बढ़ाकर 8 लाख करने की मांग की जा रही है.
3. टीडीएस कटौती
बजट 2025 में सरकार ने सीनियर सिटीजन को टीडीएस कटौती की लिमिट 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी थी. वहीं किराये से कमाई पर 2.40 लाख की लिमिट को बढ़ाकर 6 लाख प्रति वर्ष कर दिया था. हालांकि अब इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये प्रति वर्ष करने की मांग की जा रही है. इसके आलावा, सीनियर सिटीजन के लिए इस कटौती की लिमिट को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये सालाना करने की मांग की जा रही है.
4. NPS रिटायरमेंट फंड पर छूट की मांग
सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत अब नॉन-गवर्नमेंट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए 80% फंड रिटायरमेंट के समय ही निकालने की अनुमति दे दी है, जबकि 20% एन्युटी के लिए रखा है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि एनपीएस छूट को नए टैक्स रिजीम में शामिल करते हुए 80% फंड निकासी पर शून्य टैक्स का ऐलान किया जाए, ताकि लोगों को एक बड़ा आर्थिक सपोर्ट मिल सके.
5. GST रिफॉर्म
बजट से कुछ महीने पहले ही केंद्र सरकार ने आम आदमियों को बड़ा तोहफा दिया था और जीएसटी रिफॉर्म लेकर आई थी. इसके लिए तहत 250 से ज्यादा वस्तुओं के दाम में कमी आई थी. अब इस रिफॉर्म के बाद एजुकेशन, एमएसएमई, रियल एस्टेट में छूट की मांग की जा रही है. साथ ही पेट्रोल और डीजल को जीएसटी दायरे के तहत लाने की मांग हो रही है.
6. इंश्योरेंस में छूट
इंश्योरेंस को 0 जीएसटी कैटेगरी में रखने और 100 फीसदी एफडीआई मंजूरी मिलने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस को गांव-गांवों तक पहुंचाने के लिए बेहतर फ्रेमवर्क तैयार किया जाए. सरकार से इस सेक्टर को प्रोत्साहन की भी उम्मीद है.
7. सोना-चांदी को लेकर मांग
पिछले कुछ समय में सोना और चांदी की कीमतें इतनी तेजी से बढ़ी हैं कि आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुकी हैं. चांदी 3 लाख रुपये के ऊपर है और सोना 1.5 लाख रुपये के ऊपर है. ऐसे में ज्वेलरी शॉप की कमाई ठप हो चुकी है, ज्यादातर लोग सोना-चांदी नहीं खरीदना चाहते हैं. इस कारण ज्वेलर्स की डिमांड है कि सरकार सोने और चांदी पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को कम करे, जीएसटी दर घटाए , इन्वेंटरी टैक्स और टैक्स टाइमिंग राहत का ऐलान हो.
8. किसानों के लिए क्या ऐलान?
किसानों को उम्मीद है कि इस बार PM Kisan Samman Nidhi योजना के तहत सालाना 6000 रुपये की लिमिट को बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया जाए, ताकि उन्हें अपनी खेती के लिए ज्यादा सपोर्ट मिल सके. साथ ही फसलों के लिए एमएसपी आदि में बढ़ोतरी भी हो.
9. शेयर बाजार को क्या उम्मीद
ग्लोबल तनाव के कारण अभी शेयर बाजार दबाव में दिखाई दे रहा है. ऐसे में मांग उठ रही है कि LTCG, STCG और STT में रियायत दी जाए, ताकि निवेशकों की उम्मीद बढ़े. साथ विदेशी निवेशकों को भी मार्केट में वापस लाया जा सके. इसके अलावा, शेयर बाजार से कमाई पर दोहरा टैक्स कल्चर खत्म हो.
10. सीनियर सिटीजन को छूट
कोविड -19 से पहले सीनियर सिटीजन को रेलवे ट्रेन टिकट बुकिंग के समय रियायत दी जाती थी, लेकिन अब ये सुविधा बंद है. ऐसे में इसे फिर से शुरू करने की मांग की जा रही है.