असम की 126 विधानसभा सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे जारी हो चुके हैं. एक बार फिर राज्य में बीजेपी ने जीत का परचम लहराया है. हालांकि इस बार भी महिला विधायकों की संख्या में को इजाफा नहीं हुआ है. इस बार भी सदन में सिर्फ सात महिला विधायक ही नजर आएंगी.
2021 के असम चुनावों में भी महिला विधायकों की संख्या 7 ही थी. असम की कुल 2.50 करोड़ की मतदाता आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 50 प्रतिशत (49.98%) है.
बता दें कि असम में महिला उम्मीदवारों की संख्या लगातार कम हो रही है. 2016 में 91 महिलाओं ने चुनाव लड़ा था, जो 2021 में घटकर 74 और इस बार सिर्फ 59 रह गई. 2011 में सबसे ज्यादा 14 महिला विधायक असम विधानसभा पहुंची थीं. उसके बाद से ये संख्या लगातार गिर रही है.
नई विधानसभा में सत्तारूढ़ एनडीए (NDA) का दबदबा रहेगा. एनडीए की 6 महिलाओं ने चुनाव जीत लिया है. जबकि एक महिला विधायक मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस से है. अकेले बीजेपी ने अपनी महिला विधायकों की संख्या बढ़ाकर चार कर ली है. उसकी सहयोगी पार्टी असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) से एक-एक महिला उम्मीदवार ने जीत दर्ज की है.
असम में एनडीए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने जा रहा है. 126 सीटों में से एनडीए ने 102 सीटों पर रिकॉर्ड जीत हासिल की है. इसमें बीजेपी ने 82, बीपीएफ ने 10 और एजीपी ने 10 सीटें जीती हैं. चुनाव जीतने वाली महिलाओं में राज्य की वित्त मंत्री अजंता नेओग शामिल हैं. उन्होंने गोलाघाट सीट से लगातार छठी बार जीत हासिल की है.
महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलिमा देवी (मंगलदोई), निसो तेरांग्पी (डिफ़ू) और रूपाली लांगथासा (हाफलोंग) भी महिला विधायकों की लिस्ट में शामिल हैं. रूपाली ने बीजेपी की ही पूर्व मंत्री नंदिता गारलोसा को हराया, जो टिकट न मिलने पर कांग्रेस में शामिल हो गई थीं.
एजीपी की दीप्तिमयी चौधरी ने बोंगाईगांव सीट पर अपना दबदबा कायम रखा है. वहीं बीपीएफ की सेवली मोहिलरी ने कोकराझार से जीत दर्ज की. कांग्रेस उम्मीदवार बेबी बेगम पार्टी की इकलौती महिला विधायक हैं, उन्होंने धुबरी से पहली बार चुनाव जीता है.
कांग्रेस की कई दिग्गज महिला नेता चुनाव हार गईं. इनमें मौजूदा विधायक नंदिता दास, पूर्व मंत्री प्रणति फुकन, पूर्व विधायक रोसेलिना तिर्की और महिला मोर्चा प्रमुख मीरा बोरठाकुर गोस्वामी शामिल हैं.