सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकानदारों के लिए नेमप्लेट लगाने के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है. कोर्ट ने राज्य सरकारों को नोटिस भी जारी किया है. विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साध रहा है. आजतक से बात करते हुए एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार का आदेश गरीब मुसलमानों को परेशान करने वाला है और यह अस्पृश्यता को बढ़ावा देता है.
'कोई भी अपनी पसंद से रख सकता है दुकान का नाम'
ओवैसी ने कहा, 'यह झूठ है कि कोई अपनी पहचान छिपाता है या असल नाम उजागर नहीं करता है. कोई भी अपनी पसंद से अपनी दुकान का नाम रख सकता है. कांवड़ यात्रा से लोगों की आस्था जुड़ी है, इससे कोई इनकार नहीं कर रहा है. सवाल इसका है कि देश संविधान से चलेगा या फिर किसी की आस्था से? अगर कोई दुकान में जाता है तो उसको क्या खाना है, क्या नहीं, ये उसकी चॉइस है.'
नेमप्लेट आदेश को लेकर सरकार के लॉ एंड ऑर्डर के तर्क पर ओवैसी ने कहा, 'लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर तो उत्तर प्रदेश की सरकार ने बुलडोजर से घरों को तोड़ दिया. आप जब किसी होटल में जाते हैं तो मैन्यू कार्ड पर लिखा होता है. वहां नॉनवेज भी होगा, वेज भी होगा, आपकी चॉइस है.'
'आप गरीब मुसलमानों को बर्बाद करना चाहते हैं'
उन्होंने कहा, 'आप ये बताना चाहते हैं कि ये मुसलमान की दुकान है, ये हिंदू की दुकान है ताकि इकोनॉमिकली आप गरीब मुसलमानों को बर्बाद कर दें. क्या योगी सरकार लखनऊ के लुलु मॉल में जाकर ये बोलेगी कि लिखो यूसुफ अली, नहीं बोलेगी. मुजफ्फरनगर के ढाबों से मुसलमान कर्मचारियों को निकाल दिया गया. यही इनका मकसद है. आप मुसलमान की बात कर रहे हैं तो अमरनाथ यात्रा में यात्रियों को चाय कौन पिलाता है. वहां पूजा की जड़ी-बूटी कौन देता है, मुसलमान ही देता है.'
'आपमें समा चुकी है हिटलर की आत्मा'
ओवैसी ने कहा, 'आप ऐसी राजनीति कर रहे हैं जैसे हिटलर की रूह आपमें समा चुकी है. हिटलर यही करता था. यहूदियों से कहता था कि स्टार ऑफ डेविड अपने हाथ पर बांध लो, फिर उनका बॉयकॉट होता था. उसके बाद दुनिया ने देखा कि 60 लाख यहूदियों का कत्लेआम हुआ. आप अस्पृश्यता को बढ़ावा दे रहे हैं. आप मेरा प्रोफेशन छीन रहे हैं जो आर्टिकल 19 का उल्लंघन है, राइट टू लाइफ का वॉयलेशन है.'
उन्होंने कहा, 'अगर आप लॉ एंड ऑर्डर बरकरार नहीं रख सकते हैं तो छोड़ दीजिए मुख्यमंत्री की कुर्सी. आप लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर मुसलमानों का सामाजिक बॉयकॉट क्यों करवा रहे हैं. आप हिंदू-मुस्लिम नफरत की राजनीति क्यों कर रहे हैं?'