AMMK प्रमुख टीटीवी दिनाकरन ने थलपति विजय की अगुवाई वाली TVK सरकार पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का गंभीर आरोप लगाया है. दिनाकरन ने सीधे तौर पर चेतावनी दी है कि अगर उनकी पार्टी से निकाले गए बागी विधायक को सरकार में मंत्री पद दिया गया, तो वो इस पूरे मामले की CBI जांच की मांग करेंगे.
दरअसल AMMK विधायक कामराज ने टीवीके को समर्थन देने का ऐलान किया था. इसे लेकर दिनकरन ने टीवीके पर धावा बोला है. उन्होंने कहा, 'आपने हमारे विधायक के साथ नेगोशिएशन किया. उन्हें लालच दिया कि आप उसके लिए कुछ बड़ा करेंगे और फिर उसे अपने पाले में ले आए. क्या ये सीधे-सीधे हॉर्स ट्रेडिंग नहीं है?'
AMMK नेता ने कहा कि इस तरह के हथकंडे अपनाना इस नई पार्टी के लिए बहुत बुरा समय लेकर आएगा. उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बागी विधायक को मंत्री का पद सौंपा जाता है, तो वो चुप नहीं बैठेंगे.
'छह महीने से ज्यादा नहीं टिकेगी सरकार'
टीवीके सरकार के भविष्य और उसके गठबंधन सहयोगियों पर निशाना साधते हुए दिनाकरन ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा, 'अगर बिल्कुल सटीक बात कही जाए, तो VCK और वामपंथी दल इस सरकार का साथ कब तक दे पाएंगे? ज्यादा से ज्यादा छह महीने? इस समय सरकार का भविष्य पूरी तरह डगमगा रहा है.'
बागी AIADMK विधायकों को भी दी नसीहत
दिनाकरन ने AIADMK के कुछ बागी विधायकों के टीवीके सरकार को समर्थन देने की चर्चाओं पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने सवाल उठाया कि वो भला इस तरह कैसे समर्थन दे सकते हैं? ऐसा करने पर उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा.
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दिनाकरन ने बागी विधायकों को आगाह करते हुए कहा, 'जल्दबाजी या गुस्से में लिया गया कोई भी फैसला उन्हें और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है.' उन्होंने कहा कि 'अम्मा सरकार' वापस लाने के नाम पर वो जो कुछ भी कर रहे हैं, उससे खुद उन विधायकों और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा.