एअर इंडिया की लंदन जा रही फ्लाइट (AI-111) गुरुवार दोपहर तकनीकी खराबी के चलते लगभग 7 घंटे की उड़ान के बाद दिल्ली लौट आई. फ्लाइटराडार के आंकड़ों के अनुसार, हीथ्रो एअरपोर्ट की ओर जा रहा A350 विमान सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र के ऊपर पहुंचने पर वापस मुड़ा.
यह एक हफ्ते में दूसरी बार है जब एयर इंडिया की किसी उड़ान को तकनीकी समस्या के कारण बीच रास्ते यू-टर्न लेना पड़ा. सूत्रों के मुताबिक, विमान में कुछ आवाजें सुनाई देने के बाद एआई-111 फ्लाइट ने यू-टर्न ले लिया.
यह लंदन जाने वाली फ्लाइट गुरुवार सुबह 6:13 बजे दिल्ली से रवाना हुई और दोपहर करीब 1:20 बजे वापस लैंड हुई. आंकड़ों के अनुसार, एअर इंडिया का विमान लगभग 3,300 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बीच रास्ते से लौट आया.
बता दें, इससे पहले, 16 मार्च को उड़ान AI102 (न्यूयॉर्क, जेएफके-दिल्ली) के संचालन के दौरान इसी विमान में यह समस्या देखी गई थी. तब एयरबस के परामर्श से विमान का निरीक्षण किया गया था और कोई खामी नहीं पाई गई थी, तब से लेकर अब तक विमान ने बिना किसी खराबी के 10 उड़ानें भरी हैं.
यह वही विमान था, जिसका पंजीकरण नंबर VT-JRF था, जिसे नई दिल्ली से न्यूयॉर्क जाते समय आयरलैंड के शैनन की ओर मोड़ दिया गया था. यह घटना 15 मार्च को हुई थी . एअर इंडिया ने तब भी यही कहा था कि यह तकनीकी खराबी के कारण हुआ था.
एअर इंडिया ने जारी किया बयान
हालांकि, एअर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि तकनीकी खराबी की आशंका के चलते विमान एहतियात के तौर पर दिल्ली के आईजीआई हवाई अड्डे पर लौट आया.
बयान में कहा गया है, "विमान सुिरक्षित रूप से उतर गया और एयर इंडिया के उच्च सुरक्षा मानकों के अनुरूप, वर्तमान में इसका व्यापक तकनीकी मूल्यांकन किया जा रहा है, जिसे पूरा करने में अतिरिक्त समय लगेगा"
साथ ही यह भी बताया गया कि यात्रियों को जलपान सहित सभी प्रकार की सहायता दी जा रही है. विमान को वापस मोड़ने का फैसला लेने से पहले यह लगभग 4 घंटे तक हवा में रहा. कुल मिलाकर, विमान लगभग 7 घंटे तक हवा में था.
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
करीब एक हफ्ते पहले वैंकूवर जाने वाली एअर इंडिया की एक फ्लाइट भी 7 घंटे हवा में रहने के बाद दिल्ली लौट आई थी. एयरलाइन ने तब ऑपरेशनल कारण बताया था. बोइंग 777-200LR विमान ने चीनी हवाई क्षेत्र के ऊपर से यू-टर्न लिया था.
इस महीने की शुरुआत में, दिल्ली से मैनचेस्टर जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को लगभग 7 घंटे की उड़ान के बाद बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा. यह घटना ईरान युद्ध से संबंधित अंतिम समय में लगाए गए हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण हुई.