देशभर में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया जा रहा है. इस खास अवसर पर भारत के पड़ोसी देश चीन, बांग्लादेश और भूटान ने बधाई दी और भारत की सराहना की है. इस मौके पर चीनी राष्ट्रपति ने भारत को अच्छा पड़ोसी, दोस्त और साझेदार बताया है.
गणतंत्र दिवस के अवसर पर चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बधाई दी और दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की सराहना की.
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, शी ने कहा कि चीन और भारत 'अच्छे पड़ोसी, मित्र और साझेदार' हैं जो दोनों देशों के लिए सही विकल्प है.
शी जिनपिंग ने अपने संदेश में कहा कि पिछले एक साल में चीन-भारत संबंधों में निरंतर सुधार और विकास हुआ है जो विश्व शांति और समृद्धि को बनाए रखने तथा बढ़ावा देने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
उन्होंने दोनों देशों को 'ड्रैगन और एलीफेंट साथ नाचते हुए' का प्रतीक बताया और उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष आपसी आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ाएंगे तथा एक-दूसरे की चिंताओं का समाधान करेंगे, ताकि स्वस्थ और स्थिर संबंधों को बढ़ावा मिले.
भूटान ने दी बधाई
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भूटान के प्रधानमंत्री त्सेरिंग तोबगे ने भारत सरकार और भारतवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
'ये भारत की प्रेरणादायक यात्रा का जश्न'
उन्होंने भारत को बधाई देते हुए एक्स पोस्ट में लिखा, 'मैं भूटान के लोगों के साथ मिलकर भारत सरकार और भारतीय जनता को गणतंत्र दिवस की गर्मजोशी भरी शुभकामनाएं देता हूं. ये खुशी का अवसर भारत की प्रेरणादायक यात्रा का जश्न मनाता है और हमारे दोनों राष्ट्रों के बीच घनिष्ठ संबंधों तथा साझा मूल्यों को दर्शाता है.'
उन्होंने आगे कहा कि भूटान और भारत के बीच विशेष और मजबूत संबंध हैं, जो साझा संस्कृति, इतिहास और सहयोग पर आधारित हैं.
बांग्लादेश ने भी दी बधाई
चीन और भूटान के अलावा पड़ोसी देश बांग्लादेश ने भी भारत को गणतंत्र दिवस के मौके पर शुभकामनाएं दी हैं. बांग्लादेश उच्चायोग ने एक्स पर पोस्ट कर भारत को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी हैं.
बता दें कि भारत और चीन के बीच 3,800 किलोमीटर लंबी विवादित सीमा को लेकर लंबे वक्त से तनाव रहा है. साल 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद संबंधों में बड़ी गिरावट आई थी और सीमा पर सैन्य जमावड़ा बढ़ गया था. हालांकि, पिछले साल 2025 से दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय यात्राओं का दौर शुरू हुआ और सीधे उड़ानें भी बहाल हुई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति के बीच दोनों देशों ने व्यापार और निवेश के प्रवाह को तेज किया है.