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पहले दिन से 20वें दिन तक कैसे बिगड़ती गई सोनम वांगचुक की सेहत, तस्वीरों में देखें

अनशन बेहद गंभीर मोड़ पर
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17 जुलाई तक डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि सोनम वांगचुक का आमरण अनशन बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है. उनका वजन 9 किलो से ज्यादा घट चुका है, लेकिन जंतर-मंतर पर NEET-UG को लेकर प्रदर्शन लगातार जारी है. (Photo- PTI)

ऑर्गन फेल्योर का खतरा
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मेडिकल बुलेटिन के मुताबिक शरीर में ग्लूकोज पूरी तरह खत्म हो चुका है. अब शरीर मांसपेशियों को तोड़कर ऊर्जा बना रहा है और अगला असर दिल, किडनी और अन्य अहम अंगों पर पड़ सकता है. डॉक्टर ने ऑर्गन फेल्योर का खतरा बताया है. (Photo- PTI)

कोर्ट की निगरानी में भी अनशन जारी
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सेहत बिगड़ने पर दायर याचिका के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने नियमित मेडिकल मॉनिटरिंग के निर्देश दिए. इसके बावजूद सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने से इनकार कर दिया और कहा कि पहले सरकार को NEET और शिक्षा सुधार पर जवाब देना होगा. (Photo- PTI)

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'शरीर से कमजोर, इरादे से मजबूत'
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सोनम वांगचुक अब इतने कमजोर हो चुके हैं कि उन्हें चलने के लिए सहारे की जरूरत पड़ रही थी. फिर भी उन्होंने कहा, "मैं शरीर से कमजोर हूं, लेकिन इरादे से मजबूत हूं." जंतर-मंतर पर छात्र और अभिभावक लगातार उनके समर्थन में जुटे रहे. (Photo- PTI)

तेजी से घट रहा सोनम वांगचुक का वजन
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स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक सोनम वांगचुक का वजन लगातार घट रहा है. ब्लड शुगर लगातार सामान्य से नीचे है, मांसपेशियां तेजी से कमजोर हो रही हैं और पसलियां साफ दिखाई देने लगी हैं. इसके बावजूद उन्होंने अनशन जारी रखने का ऐलान किया. (Photo- PTI)

कैमरों और भीड़ के बीच लगातार मेडिकल जांच
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जंतर-मंतर पर डॉक्टर दिन में कई बार ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, वजन और कीटोन लेवल की जांच कर रहे हैं. वहीं प्रदर्शन स्थल पर पुलिस, मीडिया, प्रदर्शनकारी और डॉ. आंबेडकर और महात्मा गांधी की तस्वीरों के बीच आंदोलन जारी है. (Photo- PTI)

कलाकारों और नेताओं की अपील
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लेखकों, कलाकारों और विपक्षी नेताओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील की. उन्होंने सरकार से भी हस्तक्षेप करने और बिगड़ती सेहत पर तत्काल कदम उठाने की मांग की. (Photo- PTI)

डॉक्टरों की 'बेहद गंभीर' चेतावनी
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अनशन के 18वें दिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भेजी गई चिट्ठी में बताया गया कि सोनम वांगचुक का वजन 8 किलो से ज्यादा घट चुका है और वह चौबीसों घंटे मेडिकल निगरानी में हैं. NEET-UG आंदोलन अब शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय बहस बन चुका है. (Photo- PTI)

17वें दिन चलना भी हुआ मुश्किल
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अनशन के 17वें दिन सोनम वांगचुक को सामान्य रूप से चलने में भी परेशानी होने लगी. इसके बावजूद उन्होंने कहा कि जितनी ताकत बची है, उसी के सहारे संसद मार्च में शामिल होंगे. (Photo- PTI)

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डॉक्टर बोले- फिलहाल स्थिर, लेकिन खतरा बरकरार
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15 दिनों के अनशन के बाद डॉक्टरों ने सोमन वांगचुक के स्वास्थ्य के स्थिर होने की बात कही थी, लेकिन तेजी से घटते वजन, बढ़े हुए कीटोन लेवल और लंबी भूख हड़ताल की वजह से स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है. (Photo- PTI)

जंतर-मंतर बना शिक्षा सुधार का प्रतीक
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जंतर-मंतर का छोटा सा प्रदर्शन स्थल अब NEET-UG पेपर लीक, शिक्षा सुधार और जवाबदेही की राष्ट्रीय मांग का बड़ा प्रतीक बन चुका है. सोनम वांगचुक का अनशन इस आंदोलन का केंद्र बन गया है. (Photo- PTI)

शुरुआती दिन – 'थका हूं, लेकिन ठीक हूं'
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अनशन के पहले सप्ताह में सोनम वांगचुक का करीब 2 किलो वजन कम हुआ, ब्लड प्रेशर गिरा और थकान बढ़ी. फिर भी उन्होंने समर्थकों से कहा कि वह ठीक हैं और अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. (Photo- PTI)

किसान, छात्र और अभिभावक भी आंदोलन में शामिल
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किसानों, NEET अभ्यर्थियों के परिवारों और छात्रों ने जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन का समर्थन किया. अब यह केवल सोनम वांगचुक का अनशन नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की व्यापक मांग बन चुका है. (Photo- PTI)

सेहत बिगड़ने के पहले संकेत
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1 जुलाई को CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने बताया कि सोनम वांगचुक की तबीयत हर घंटे बिगड़ रही है. ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर गिरने के बाद डॉक्टरों ने उनकी निगरानी बढ़ा दी. (Photo- PTI)

जंतर-मंतर पर शुरू हुई भूख हड़ताल
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28 जून को सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर CJP के NEET-UG आंदोलन में शामिल होकर आमरण अनशन शुरू किया था. उन्होंने ऐलान किया कि सरकार शिक्षा सुधार और अन्य मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक वह सिर्फ पानी और नमक के सहारे अनशन जारी रखेंगे. (Photo- PTI)

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